वार्षिक स्नेह सम्मेलन में छात्र छात्राओं ने संस्कृति लोक नृत्य एवं गीतों का कार्यक्रम दिया
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प्रत्येक विद्यार्थी के अंदर एक विवेकानन्द बसते हैं, केवल उन्हें खोजने की आवश्यकता है।
किशोर कुमार मोहम्मदरफी, लता मंगेश्कर, अरीजीत सिंह के गानों की प्रस्तुति ने मंत्रमुग्ध कर दिया।
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जबलपुर संवादाता / आज वार्षिक स्नेह सम्मेलनों में छात्र छात्राओं ने संस्कृति लोक नृत्य एवं गीतों का कार्यक्रम दिया विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई के साथ साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास का आधार होती है, जिसके लिए वार्षिक स्नेह सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है, जहाँ पर विद्यार्थी अपनी आंतरिक प्रतिभाओं का प्रदर्शन करते हैं, जो जीवन में उनके आत्मविश्वास को दृढ़ता प्रदान करती है।
उक्त उद्गार महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन (कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्टस एण्ड मैनेजमेंट) गोलबाजार जबलपुर, में आयोजित "उड़ान सफलता की" वार्षिक स्नेह सम्मेलन में मुख्य अतिथि डॉ. अभिलाष पाण्डे, विधायक उत्तर मध्य विधानसभा ने व्यक्त किये। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय चिंतक एवं प्रसिद्ध लेखक प्रशांत पोळ ने अपने उद्बोधन में कहा कि वाषिक स्नेह सम्मेलन कार्यक्रम में सम्पूर्ण भारतीय संस्कृति के दर्शन लोक नृत्य एवं गीतों व नाटकों के माध्यम से एक ही मंच पर हो जाते हैं एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को ऊंचाईयों तक ले जाने के लिये सीढ़ियों का काम करते हैं। प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ, समाज सेवी, जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष, राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त मध्य प्रदेश शासन डॉ. जितेन्द्र जामदार ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के अंदर एक विवेकानन्द बसते हैं, केवल उन्हें खोजने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के लिये जीवन का सबसे बेहतरीन समय होता है उनकी कॉलेज लाईफ जिसमें वे जीवन में संघर्षों का सामना करना सीखते हैं। थकावट और तनाव दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है, सभी विद्यार्थियों का एक साथ मिलकर मौजमस्ती के साथ सांस्कृतिक उत्सव मनाया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. जयन्त कुमार तनखीवाले, ने कहा कि जब भी इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखते हैं तो विद्यार्थी जीवन की याद आ जाती है और अनायास ही खुद का भी मन करने लगता है कुछ करने के लिये। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिलीप सिंह हजारी ने महाविद्यालय की प्रगति का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया एवं महाविद्यालय के उत्कृष्ट छात्र छात्राओं को स्व. श्री जी.वाय. तनखीवाले स्मृति स्वर्ण पदक एवं लगभग तीस हजार रू. की छात्रवृत्ति एवं पारितोषक प्रदान किये गये। कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि श्री प्रमोद दिवाकर पाठक थे।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में छात्र छात्राओं ने विभिन्न विधाओं में अपने रंग बिखेरे। गोंधल, लावणी एवं बुंदेलखंडी लोकनृत्य ने एक ओर जहां दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया वहीं दूसरी ओर किशोर कुमार मोहम्मदरफी, लता मंगेश्कर, अरीजीत सिंह के गानों की प्रस्तुति ने मंत्रमुग्ध कर दिया। वर्तमान में बिखरती हुई पारिवारिक एकता एवं उन्हें बचाने जैसे विषय को ले कर नाट्य प्रस्तुति दी गई। महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं स्टाफ ने भी अपनी प्रस्तुतियां देकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की वाहवाही लूटी। प्राचार्य डॉ. दिलीप सिंह हजारी ने सभी विद्यार्थियों को मिलजुल कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिये हमेशा तैयार रहने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विशेष चन्द्र गुप्ता, प्रो. रितु गोंटिया एवं डॉ. राजा तिवारी, डॉ. अर्चना साने, डॉ. नीलम दुबे ने किया। इस अवसर पर प्रो. संजय तिवारी, प्रो. अतुल दुबे, प्रो. शैलेन्द्र बसेड़िया, प्रो. नरेन्द्र शुक्ला सहित महाराष्ट्र शिक्षण मण्डल के समस्त पदाधिकारी, सदस्यों सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकों, स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं एवं अभिभावकों की उपस्थिति सराहनीय रही।

