*यादगार पल: जब भेड़ाघाट में नर्मदा मैया की तेज धारा में खड़ी हो गईं मां जगत जननी*
![]() |
*मूर्तिकार कुंदन प्रजापति इस घटना के बाद, मूर्तिकार कुंदन प्रजापति प्रदेश में फेमस हो गए थे*
(मनोज विश्वकर्मा/चीफ एडिटर)
जबलपुर 28 अक्टूबर 1982 को भेड़ाघाट, में एक अविश्वसनीय घटना घटी, जब नर्मदा मैया की तेज धारा में विसर्जन के दौरान मां जगत जननी की मूर्ति अचानक खड़ी हो गई। यह घटना न केवल जबलपुर के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक यादगार पल बन गई।
- *नर्मदा मैया की तेज धारा*: भेड़ाघाट में नर्मदा नदी की तेज धारा में विसर्जन के दौरान मां जगत जननी की मूर्ति खड़ी हो गई
( स्वर्गीय:कुंदन मुर्तिकार का बेटा शक्ति प्रजापति, क्राइम भास्कर न्यूज के चीफ एडिटर मनोज विश्वकर्मा)
- *अविश्वसनीय घटना* यह घटना अविश्वसनीय थी, क्योंकि मूर्ति को विसर्जित करने के बाद, वह अचानक खड़ी हो गई और तेज लहरों के बीच स्थापित रही।
एक ऐतिहासिक चमत्कार: 28 अक्टूबर 1982 को भेड़ाघाट में माँ नर्मदा की तेज धाराओं के बीच अचानक खड़ी हो गई थीं माँ जगत जननी की मूर्ति
जबलपुर मूर्तिकार कुंदन प्रजापति की कला और एक अविश्वसनीय घटना ने 28 अक्टूबर, 1982 का दिन जबलपुर के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा दिया। यह वह यादगार पल था जब भेड़ाघाट में नर्मदा मैया की उफनती धाराओं के बीच विसर्जन के तुरंत बाद 'माँ जगत जननी' की मूर्ति अचानक से लहरों के बीच सीधी खड़ी हो गई।
यह दृश्य इतना अलौकिक और चमत्कारिक था कि इसे देखकर वहां उपस्थित हजारों श्रद्धालु भौंचक्के रह गए। ऐसा लग रहा था मानो माँ नर्मदा स्वयं मूर्ति को स्थापित कर रही हों। इस घटना की खबर आग की तरह फैली और अगले कई दिनों तक हजारों लोग इस अद्भुत नजारे के दर्शन करने के लिए भेड़ाघाट पहुंचे।
मान्यता है कि इस घटना ने न केवल भक्तों की आस्था को गहराई प्रदान की, बल्कि मूर्तिकार कुंदन प्रजापति की कलात्मक कुशलता को भी पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध कर दिया। आज भी इस ऐतिहासिक घटना को जबलपुर के लोग बड़ी श्रद्धा और आश्चर्य के साथ याद करते हैं
भेड़ाघाट: एक प्रमुख पर्यटन स्थल जबलपुर से लगभग 20 किमी दूर स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ है और अपने सुंदर संगमरमर की चट्टानों और धुआँधार जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध है।
28 अक्टूबर 1982 को भेड़ाघाट में घटित यह घटना एक यादगार पल है, जो न केवल जबलपुर के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। यह घटना नर्मदा मैया की तेज धारा में मां जगत जननी की मूर्ति के खड़े होने की अविश्वसनीय कहानी को दर्शाती है ¹ ².
