*कुंडो और तालाबों में गणेश विसर्जन का क्रम दूसरे दिन भी जारी रहा*
*तालाबों के चारों तरफ पूजा समाग्री और फूल माला फैल गया*
*इस अवसर पर, भक्त भगवान गणेश से अगले वर्ष फिर से आने की प्रार्थना करते हैं* 
जबलपुर संवाददाता/आज जबलपुर के हनुमान ताल और विसर्जन कुंड में गणेश विसर्जन का क्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। सभी समितियों ने रात्रि में ग्रहण पड़ने से पहले गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। दिन भर चलता प्रतिमा विसर्जन क्रम तालाबों के चारों तरफ पूजा समाग्री और फूल माला फैल गया, जिससे गंदगी और कचरे का अंबार लग गया
*विसर्जन की विशेषताएं:*
- *ग्रहण से पहले विसर्जन*: सभी समितियों ने रात्रि में ग्रहण पड़ने से पहले गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
- *गंदगी और कचरा*: विसर्जन के बाद तालाबों के चारों तरफ गंदगी और कचरे का अंबार लग गया।
*प्रशासन की व्यवस्था* प्रशासन ने विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की थी, जिसमें क्रेन और हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया
*विसर्जन का महत्व:*
गणेश विसर्जन एक धार्मिक और भावनात्मक प्रक्रिया है, जिसमें भगवान गणेश की मूर्ति को जल में विसर्जित किया जाता है। यह अनुष्ठान भगवान गणेश के जन्म और उनकी पृथ्वी यात्रा के अंत का प्रतीक है। इस अवसर पर, भक्त भगवान गणेश से अगले वर्ष फिर से आने की प्रार्थना करते हैं