इंदौर के बाद अब जबलपुर,हेलमेट धारकों को ही मिलेगा पेट्रोल में - Bhaskar Crime

Breaking

इंदौर के बाद अब जबलपुर,हेलमेट धारकों को ही मिलेगा पेट्रोल में

*"हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं"जबलपुर में सख्त नियम*

*ग्वारीघाट पेट्रोल पंप पर हेलमेट वालों को ही मिला ईंधन, बिना हेलमेट वालों को किया गया रोका*


 
*इंदौर के बाद अब जबलपुर में चला अभियान  कलेक्टर के आदेश से पेट्रोल पंप पर लागू हुआ नया नियम*

*सुरक्षा पहले बाइक चालकों के लिए हेलमेट अब पेट्रोल लेने की अनिवार्य शर्त*

*"पेट्रोल के लिए अब हेलमेट जरूरी जबलपुर में बाइकर्स के लिए नया चैलेंज!"*

*"बिना हेलमेट तो भूलकर भी न आएं पेट्रोल पंप – जबलपुर में लगी शर्त!"*

*"कलेक्टर का ऐलान: हेलमेट नहीं तो टैंक खाली!"*

*जबलपुर वालों, अगर बाइक में पेट्रोल चाहिए,तो हेलमेट लगाकर आना*

*"हेलमेट धारकों को ही मिलेगा पेट्रोल"**  

*जबलपुर: ग्वारीघाट स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप पर प्रशासन के निर्देशानुसार बिना हेलमेट वाले बाइक चालकों को ईंधन देने से इनकार किया गया। यह अभियान इंदौर के बाद अब जबलपुर में शुरू हुआ है।*  

जबलपुर संवाददाता / इंदौर और भोपाल के बाद अब जबलपुर में भी "हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं" का नियम लागू हो गया है। जिला कलेक्टर **दीपक सक्सेना ने मंगलवार को आदेश जारी करते हुए सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया कि वे बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन न दें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हुआ है और एक महीने तक जारी रहेगा।  

 **क्या होगा उल्लंघन करने पर?**  

- पेट्रोल पंप संचालकों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।  

- प्रशासन की टीमें **रैंडम चेकिंग** करेंगी।  

- विवादों से निपटने के लिए पुलिस सहयोग की मांग की जा रही है।  

**लोगों की प्रतिक्रिया:**  

- कुछ लोगों ने तुरंत हेलमेट खरीदना शुरू कर दिया।  

- जिनके पास पहले से हेलमेट था, वे उसे घर से निकालकर लाने लगे।  

- पेट्रोल पंप संचालकों ने ग्राहकों से विवाद की आशंका जताई, लेकिन नियम मानने की बात कही। *अखिलेश मेहता (पेट्रोल डीलर एसोसिएशन अध्यक्ष) के मुताबिक "हम नियम तो मानेंगे, लेकिन कुछ ग्राहक हेलमेट न लगाने पर आक्रामक हो जाते हैं। कर्मचारियों के साथ झगड़े की स्थिति बन सकती है। हम प्रशासन से सुरक्षा की मांग करेंगे।"

 **क्यों लागू किया गया नियम?**  

कलेक्टर के आदेश में कहा गया है कि यह कदम सड़क दुर्घटनाओं में जान बचाने के लिए उठाया गया है। MP के अन्य शहरों में इस नीति के सकारात्मक परिणाम मिले हैं।