340 लिस्टेड निगरानी बदमाशों की हुई सामूहिक परेड
जबलपुर पुलिस का अनूठा अंदाज़ एनएसए और जिला बदर की दी गई चेतावनी
NSA के तहत एक साल तक बिना मुकदमा चलाए हिरासत में रखा जा सकता है
आम जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है
जबलपुर संवाददाता / जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने और अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर मंगलवार को पुलिस लाइन में एक अनूठा और दमदार कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर और ग्रामीण इलाकों के सभी थानों से 340 लिस्टेड गुंडों और निगरानी में रहने वाले बदमाशों की एक सामूहिक परेड कराई गई, जहाँ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सख़्त चेतावनी देते हुए साफ़ कहा कि कोई भी गड़बड़ी की सूरत में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और जिला बदर जैसी सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
यह पहली बार है जब जबलपुर पुलिस ने इतने बड़े पैमाने पर अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को एक साथ इकट्ठा करके उन्हें सीधा संदेश दिया है। इस कार्यक्रम का मकसद था न केवल उन पर नजर रखने का बनाना बल्कि यह भी सुनिश्चित करना कि उनकी और जानकारी पुलिस के पास अप टू डेट हो।
क्या हुआ कार्यक्रम में?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) आनंद कलादगी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सूर्यकांत शर्मा की मौजूदगी में आयोजित इस परेड के दौरान:
· सभी 340 बदमाशों की प्रोफाइल, मोबाइल नंबर और फोटो को अपडेट करने के लिए गहनता से जाँच की गई।
· हर एक से उसके वर्तमान जीवनयापन और आजीविका के स्रोत के बारे में कड़ी पूछताछ की गई।
·सभी को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि अगर शहर में किसी भी तरह की अशांति फैलाने या कोई भी अनैतिक/अपराधिक गतिविधि करने का प्रयास किया गया, तो उनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की साफ चेतावनी:
पुलिस प्रशासन ने बताया कि ऐसे तत्वों के खिलाफ न केवल जमानत के बंधपत्र की राशि जब्त की जाएगी, बल्कि जिला बदर (डी-पोर्टेशन) और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसे कड़े प्रावधानों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। NSA के तहत एक साल तक बिना मुकदमा चलाए हिरासत में रखा जा सकता है।
क्यों है यह कदम महत्वपूर्ण?
यह पहल पारंपरिक से हटकर एक,साइकोलॉजिकल है। इससे पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि वह शहर के हर संभावित पर सीधी नजर रख रही है और उसे पहले से ही चेतावनी देकर अपराध होने से रोकना चाहती है। इस तरह का दबाव बनाने से आम जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस कार्यक्रम में सभी एसडीओपी और थाना प्रभारियों ने भी हिस्सा लिया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि मैदानी स्तर पर काम कर रहे अधिकारी भी इन तत्वों को पहचानें और उन पर प्रभावी नजर रख सकें।