नगर निगम आयुक्त यह कोई सामान्य निरीक्षण नहीं था, बल्कि एक संकल्प की तैयारी थी - Bhaskar Crime

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नगर निगम आयुक्त यह कोई सामान्य निरीक्षण नहीं था, बल्कि एक संकल्प की तैयारी थी

नगर निगम आयुक्त यह कोई सामान्य निरीक्षण नहीं था, बल्कि एक संकल्प की तैयारी थी

जबलपुर की धड़कन वीर गोंडवाना शहीदों की याद में तैयारियों की व्यवस्था देखी

जबलपुर संवाददाता / इतिहास के पन्नों में दर्दनाक पर गर्वित एक दिन फिर से याद किया जाएगा। 18 सितंबर, 1857 को अंग्रेजों ने गोंडवाना के वीर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोपों से उड़ा दिया था, लेकिन उनकी वीरता की गूंज आज भी जबलपुर की हवा में है। इसी गूंज को और गहरा करने के लिए शहर ने कमर कस ली है

नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार आज उन जगहों पर मौजूद थे, जहाँ शहादत की यह कहानी लिखी गई थी। मालगोदाम चौक पर विराजमान उनकी प्रतिमा और वह ऐतिहासिक बंदी गृह, जहाँ से वे अमरत्व की ओर चले गए थे।

यह कोई सामान्य निरीक्षण नहीं था, बल्कि एक संकल्प की तैयारी थी। आयुक्त अहिरवार ने हर एक पहलू पर गहरी नज़र डाली क्या श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था है क्या सफाई का पूरा इंतज़ाम है क्या प्रकाश की व्यवस्था उस शौर्य को उचित श्रद्धांजलि दे पाएगी

उन्होंने अधिकारियों को एक स्पष्ट संदेश दिया: "यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, हमारे गौरवशाली इतिहास का सबसे दर्दनाक और वीरतापूर्ण अध्याय है। इसे पूरी भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया जाए। हर व्यवस्था बेहतरीन और चाक-चौबंद होनी चाहिए।"

इस ऐतिहासिक मौके पर शहर का प्रशासन पूरी तरह से सजग दिखाई दिया। निरीक्षण में समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ नगर निगम का पूरा तंत्र मौजूद था, जो यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे वीरों का बलिदान दिवस उतना ही यादगार हो, जितना उनका साहसी इतिहास।

18 सितंबर को पूरा जबलपुर एक बार फिर उन दो सपूतों को याद करेगा, जिन्होंने आज़ादी की पहली चिंगारी को हवा देने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। और इस बार, यह याद एक बेहतरीन और व्यवस्थित तरीके से होगी।