*जबलपुर पुलिस ने साइबर जागरूकता पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए*
*वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के गुर सिखाए*
विशेष रिपोर्टर/ आज जबलपुर, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर पुलिस ने शहर में नागरिकों और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के तौर-तरीकों से अवगत कराकर उनसे बचने के उपाय बताना है।
आज मानेगांव, रांझी स्थित गढ़वाल मित्र मंडल के सदस्यों और रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए उप पुलिस अधीक्षक श्री अंजुल अय्यंक मिश्रा की अगुवाई में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, कस्टम फ्रॉड जैसी सामान्य साइबर धोखाधड़ी की विधियों के बारे में विस्तार से समझाया गया और उनसे बचाव के तरीके सिखाए गए। साइबर सेल से उप निरीक्षक नीरज नेगी और आरक्षक जितेंद्र राउत ने भी इस अवसर पर उपस्थित रहकर लोगों की शंकाओं का समाधान किया।
पुलिस द्वारा स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए भी इसी तरह के शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि युवा पीढ़ी भी साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत रहे।
पुलिस अधीक्षक की महत्वपूर्ण अपील
पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय ने नागरिकों से अपील करते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं:
· मोबाइल फोन खोने पर: तुरंत संबंधित पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल www.ceir.gov.in पर पंजीकरण कराएं।
· साइबर फ्रॉड होने पर: तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
· ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें: www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
· जबलपुर साइबर सेल: सीधे हेल्पलाइन नंबर 7701050010 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
इन पहलों के माध्यम से जबलपुर पुलिस का लक्ष्य डिजिटल युग में नागरिकों को सुरक्षित और जागरूक बनाना है।
