*आरटीआई में लापरवाही अब हुई महंगी: वेतन से कटेंगे 10 हजार तक रुपये*
*अब लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन से हर महीने सीधे जुर्माना वसूला जाएगा*
विशेष रिपोर्टर/ सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदनों का समय पर जवाब न देने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए, [विभाग/सरकार का नाम] ने बड़ा फैसला लिया है। अब ऐसे लापरवाह कर्मियों के वेतन से हर महीने जुर्माने की राशि वसूली जाएगी। यह आदेश जनता के सूचना के अधिकार को सुनिश्चित करने और प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
क्या है नया नियम: जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी आरटीआई आवेदनों के निस्तारण में विफल रहता है या जानबूझकर देरी करता है, तो उसके मासिक वेतन से निर्धारित राशि काट ली जाएगी। यह कटौती तब तक जारी रहेगी जब तक कि नियमों के अनुपालन में जवाब प्रदान नहीं कर दिया जाता।
जुर्माने की राशि इस प्रकार है:
· प्रथम श्रेणी अधिकारी: 10,000 रुपये प्रति माह
· द्वितीय श्रेणी कर्मचारी: 7,000 रुपये प्रति माह
· तृतीय श्रेणी कर्मचारी: 4,000 रुपये प्रति माह
क्या है मकसद: प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कदम आरटीई अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। अक्सर देखा गया है कि सूचना आयोगों द्वारा जुर्माना लगाए जाने के बावजूद विभागों में लापरवाही बरती जाती है। वेतन से सीधे कटौती की इस प्रक्रिया से कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी और समय पर सूचना उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इस फैसले को आम नागरिकों के अधिकारों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।