बकाया कर वसूली को लेकर नगर निगम का एक्शन मोड - Bhaskar Crime

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बकाया कर वसूली को लेकर नगर निगम का एक्शन मोड

*बकाया कर वसूली को लेकर नगर निगम का एक्शन मोड,

4 लाख की तालाबंदी, 3.80 लाख पर कुर्की की चेतावनी

निगमायुक्त अहिरवार के सख्त निर्देश- राजस्व वसूली में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, 

"तीन दिन में भुगतान नहीं होने पर जब्त होंगी संपत्तियां"

विशेष रिपोर्टर जबलपुर/ नगर निगम ने बकाया करों की वसूली को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के सीधे मार्गदर्शन में चल रहे राजस्व अभियान के तहत गुरुवार को गुलौआ एवं रामपुर संभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ करदाताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की गई।

तालाबंदी से हिली नींव: बाजपेयी नर्सरी पर गिरा निगम का हथौड़ा

संभाग क्रमांक 2 के संभागीय अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने कमला नेहरू वार्ड स्थित बाजपेयी नर्सरी में चार लाख रुपये से अधिक के बकाया परिसर कर के चलते तालाबंदी की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई से अन्य बकायेदारों में हड़कंप मच गया।

कार्रवाई देख चुकाया कर: इशिता वैद्य ने सौंपा 1 लाख का चेक


वसूली अभियान का असर यह रहा कि जैसे ही निगम टीम इशिता वैद्य के परिसर पर कार्रवाई के लिए पहुंची, उन्होंने तत्काल 1 लाख रुपये का चेक राजस्व टीम को सौंप दिया। उन पर कुल 2 लाख 36 हजार 356 रुपये बकाया थे। शेष राशि के भुगतान के लिए भी सहमति बन गई है।

तीन दिन का अल्टीमेटम, फिर कुर्की की तैयारी

संभाग क्रमांक 3 के संभागीय अधिकारी पवन श्रीवास्तव ने बताया कि श्रीमती मोनिका दत्ता, श्रीमती रीना गुजराल, महेन्द्र कुमार सबलोक, एम.एम. बिरमानी, लोकनाथ तिवारी एवं प्रेमलाल केसरवानी सहित छह करदाताओं पर 3 लाख 80 हजार रुपये का बकाया है। इन सभी को अंतिम नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर भुगतान का निर्देश दिया गया है। निगमायुक्त के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर सभी संपत्तियों को कुर्क कर लिया जाएगा।

हर रोज हो रही समीक्षा, अफसरों को सख्ती के निर्देश

निगमायुक्त अहिरवार प्रतिदिन संभागवार राजस्व वसूली की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सभी संभागीय अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बकायादारों के खिलाफ और अधिक प्रभावी एवं सख्त रुख अपनाते हुए वसूली सुनिश्चित की जाए।