*बूढ़ी खेरमाई शक्तिपीठ का जवारा विसर्जन आज शाम, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद इंतजाम किया है*
*“आज शाम” और “बड़ी धूमधाम” के साथ-साथ “शासन-प्रशासन तैनात” जैसे तथ्य जोड़ें*
*1500 वर्ष पुरानी, स्वयंभू, तांत्रिक शक्तिपीठ, और माँ धूमावती स्वरूप*
चीफ एडिटर जबलपुर शहर के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध बूढ़ी खेरमाई राजेश्वरी धूमावती शक्तिपीठ का भव्य जवारा विसर्जन शोभायात्रा आज शाम को धूमधाम से निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा मंदिर के ऐतिहासिक चारखम्बा (बेनी सिंह की तलैया) स्थित परिसर से शुरू होगी।
इस आयोजन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और यातायात पुलिस को विशेष रूप से लगाया गया है। प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे।
मंदिर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व:
बूढ़ी खेरमाई मंदिर लगभग 1500 वर्ष पुराना एक स्वयंभू तांत्रिक शक्तिपीठ है। इसे शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है। यहाँ माँ धूमावती के स्वरूप की पूजा होती है, जहाँ भक्तों की मुराद पूरी करने वाला कौआ देवी की सवारी के रूप में विराजमान है।
इस मंदिर की एक अन्य विशेषता यह है कि यह मुस्लिम बहुल क्षेत्र में स्थित है और सांप्रदायिक सौहार्द का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ नवरात्रि के दौरान होने वाली मध्यरात्रि की ‘खप्पर आरती’ दूर-दूर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में स्थित गाड़ीवान की मूर्ति की भी विशेष रूप से पूजा की जाती है, जिन्हें माँ की मूर्ति लाने वाला माना जाता है।
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा में शामिल होने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
