*जबलपुर के भेड़ाघाट का अनोखा खेल: वीकेंड पर सिर्फ ‘बीआईपी लोगों’ के लिए फ्री नौका और रोपवे*
(मनोज विश्वकर्मा=सम्पादक)
जबलपुर (मध्य प्रदेश)। प्राकृतिक सौंदर्य और नर्मदा के जलप्रपातों के लिए प्रसिद्ध भेड़ाघाट इन दिनों एक विवादास्पद व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। आम पर्यटक तो हैं ही, लेकिन शनिवार और रविवार को यहां की सारी व्यवस्था ‘खास लोगों’( VIP ) के लिए नजर आती है
दरअसल, हर सप्ताहांत पर भेड़ाघाट में बीआईपी (Very Important Person) और उच्च अधिकारियों के लिए नौका विहार और रोपवे की सेवा पूरी तरह नि:शुल्क कर दी जाती है। यह सुविधा सर्किट हाउस में ठहरे अधिकारियों के लिए विशेष रूप से संचालित की जाती है।
क्या है पूरा मामला
1. फ्री सर्विस: शनिवार और रविवार को भेड़ाघाट स्थित सर्किट हाउस में रुकने वाले आईएएस, आईपीएस या अन्य बड़े अधिकारियों के लिए नौका और रोपवे की सवारी पूर्णतः मुफ्त होती है।
2. स्पेशल ड्यूटी: इन दो दिनों के लिए थाना भेड़ाघाट की पुलिस की ड्यूटी भी ‘विशेष’ होती है। यानी पुलिसकर्मी अधिकारियों के स्वागत-सत्कार और सुरक्षा में जुटे रहते हैं, बजाय इसके कि वे आम पर्यटकों की सहायता करें।
3. गर्मी का बहाना: दिलचस्प बात ये है कि यह व्यवस्था खासकर गर्मी के मौसम में और भी सख्ती से लागू की जाती है। अधिकारी तपती धूप में नौका विहार का मजा लें, इसके लिए नावें और रोपवे सुबह से शाम तक दौड़ाए जाते हैं।
वहीं आम पर्यटक की किस्मत...
आम पर्यटकों के लिए यही दो दिन सबसे मुश्किल होते हैं। जब अधिकारियों के लिए सब कुछ फ्री चल रहा होता है, तो बाकी पर्यटकों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है। कई बार तो नौकाएं और रोपवे अधिकारियों की मौज-मस्ती के लिए बुक हो जाते हैं, जिससे आम लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है या बिना मनोरंजन के लौटना पड़ता है।
सवाल जो उठते हैं:
· आखिर करदाताओं के पैसे से चलने वाले संसाधन सिर्फ ‘खास लोगों’ के मनोरंजन के लिए क्यों हैं?
· पुलिस की ड्यूटी अधिकारियों की ‘नौका विहार सेवा’ करना है या कानून-व्यवस्था संभालना?
· क्या गर्मी के मौसम में सिर्फ अधिकारियों को ही राहत चाहिए, आम पर्यटकों को नहीं?
स्थानीय लोगों और छोटे पर्यटकों का कहना है कि यह व्यवस्था ‘सेवा’ नहीं, बल्कि ‘सुविधाओं का अपव्यय’ है। जब तक यह खेल बंद नहीं होगा, भेड़ाघाट सच में ‘सबके लिए’ नहीं बन पाएगा।
आपकी राय क्या है? क्या अधिकारियों को वीकेंड पर फ्री एंटरटेनमेंट मिलना चाहिए? कमेंट में बताएं।