*कमीशनखोर बाबू को रंगे हाथों लोकायुक्त ने किया गिरफ्तारी*
*नगर पालिका में काम करवाने का रेट तय -15.5% कमीशन*
विशेष संवाददाता नरसिंहपुर /नगर पालिका परिषद नरसिंहपुर में काम करवाने का साफ-साफ दाम तय कर दिया गया था। हर बिल भुगतान पर 15.5 प्रतिशत कमीशन की मांग, वरना काम रोकने और भविष्य में ब्लैकलिस्ट करने की धमकी। लोकायुक्त ने जाल बिछाकर इस व्यवस्था का पर्दाफाश कर दिया।
52 हज़ार की मांग, 25 हज़ार में दबोचा गया आरोपी
आवेदक भीष्म राजपूत को साल 2025 में पेवर ब्लॉक लगाने का टेंडर मिला था। उन्होंने 50 हज़ार रुपए की बैंक गारंटी (एफडीआर + पीजी) जमा कराई थी। काम पूरा होने और भुगतान आ जाने के बाद भी, लोक निर्माण शाखा के क्लर्क संजय कुमार तिवारी ने 15.5% यानी 52 हज़ार रुपए की रिश्वत मांगी।
जब आवेदक ने रिश्वत देने से इनकार किया, तो आरोपी ने बैंक गारंटी रोकने और भविष्य में कोई काम न देने की धमकी दी।
लोकायुक्त एसपी अंजू पटले ने की कार्रवाई
पीड़ित की शिकायत पर लोकायुक्त एसपी अंजू पटले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैप टीम गठित की। टीम ने बातचीत में 38 हज़ार रुपए रिश्वत लेने की बात पुख्ता कर ली। इसके बाद आवेदक ने 25 हज़ार रुपए की व्यवस्था की।
निष्कर्ष: नगर पालिका में "बिना कमीशन काम नहीं" की मानसिकता वाले इस क्लर्क को लोकायुक्त ने सबक सिखा दिया। अब देखना यह है कि प्रशासनिक स्तर पर और कितने ऐसे "15.5% वाले" बाबू सामने आते हैं।
