*ग्रीष्मकालीन शिविर का रंगारंग समापन*
विशेष सशस्त्र बल 6वीं वाहिनी में 30 दिनों तक चला प्रशिक्षण सत्र संपन्न
शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों का सर्वांगीण विकास करना था।
चीफ एडिटर जबलपुर,विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) की 6वीं वाहिनी, में आयोजित 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का आज भव्य एवं रंगारंग समापन समारोह संपन्न हो गया। इस अवसर पर बच्चों एवं महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशेष मार्गदर्शन में संपन्न हुआ शिविर
सेनानी सिद्धार्थ चौधरी के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में यह शिविर दिनांक 1 मई से 1 जून 2026 तक चला। शिविर में लगभग 400 बच्चों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 17 विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों का सर्वांगीण विकास करना था।
विभिन्न विधाओं में दिया गया प्रशिक्षण
शिविर में प्रशिक्षण की विविधता सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित तीन श्रेणियों में गतिविधियाँ संचालित की गईं:
शारीरिक दक्षता एवं खेलकूद
टीम भावना, शारीरिक दक्षता एवं स्वास्थ्य संवर्धन हेतु जुंबा, क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, लॉन टेनिस एवं बैडमिंटन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कलात्मक प्रतिभाएँ
बच्चों की कलात्मक प्रतिभाओं को निखारने के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट, ड्राइंग, पेंटिंग, मेहंदी एवं कैलीग्राफी का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
आत्मरक्षा एवं कौशल विकास
आत्मरक्षा एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने हेतु सेल्फ डिफेंस, जूडो, कबड्डी एवं रस्साकशी जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। साथ ही, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
समापन समारोह के मुख्य आकर्षण
समापन समारोह में प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी विधाओं का जोरदार प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान खींचा:
· जुंबा डांस – बच्चों द्वारा प्रस्तुत जुंबा डांस ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
· ब्राइटर माइंड प्रशिक्षण – बच्चों ने बिना देखे वस्तुओं की पहचान कर अपनी अद्भुत मानसिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
· कैलीग्राफी – प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक दक्षता का अद्भुत परिचय दिया।
· स्पोकन इंग्लिश – प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों ने प्रभावी एवं आत्मविश्वासपूर्ण अंग्रेजी भाषा में शिविर की गतिविधियों की प्रस्तुति देकर सभी को प्रभावित किया।
ब्रास बैंड ने बांधा समां
समारोह का सबसे विशेष आकर्षण सेनानी सिद्धार्थ चौधरी के मार्गदर्शन में संचालित रोजगारोन्मुखी ब्रास बैंड प्रशिक्षण के प्रतिभागियों की प्रस्तुति रही। प्रशिक्षुओं ने फिल्म 'बॉर्डर-2' के चर्चित गीत "मिट्टी के बेटे" तथा फिल्म 'बॉर्डर' के अमर गीत "संदेशे आते हैं" की भावपूर्ण एवं हृदयस्पर्शी धुनों की प्रस्तुति दी। इसने पूरे सभागार का दिल जीतते हुए उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया।
उपस्थित गणमान्य एवं अभिभावकों की प्रतिक्रिया
समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावकों एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। अभिभावकों ने इस तरह के शिविर के आयोजन के लिए विशेष सशस्त्र बल एवं सेनानी सिद्धार्थ चौधरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस शिविर ने बच्चों एवं महिलाओं के आत्मविश्वास, कौशल एवं शारीरिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
