बलिदान दिवस पर ऐलान जबलपुर एयरपोर्ट का नाम होगा 'रानी दुर्गावती एयरपोर्ट' - Bhaskar Crime

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बलिदान दिवस पर ऐलान जबलपुर एयरपोर्ट का नाम होगा 'रानी दुर्गावती एयरपोर्ट'

 "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान"

वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर जबलपुर एयरपोर्ट का नाम होगा 'रानी दुर्गावती एयरपोर्ट'

मनोज विश्वकर्मा चीफ एडिटर जबलपुर, 24 जून 2026  वीरांगना रानी दुर्गावती के 461वें बलिदान दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने की ऐतिहासिक घोषणा की है। राज्य सरकार इस संबंध में केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री और नागरिक उड्डयन मंत्री को प्रस्ताव भेजेगी।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को जबलपुर के बरगी स्थित नरई नाला में रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पर आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने वीरांगना को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके जीवन पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मंत्री श्रीमती संपतिया उइके सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि "गोंड साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके अप्रतिम साहस को हमेशा याद किया जाता है। उन्होंने मुगल सेना से अपनी मातृभूमि और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए प्राण त्याग दिए"।

उन्होंने कहा कि "हम सभी की इच्छा है कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाए, ताकि देश-दुनिया से आने वाले लोगों के मन में इस स्थान की याद बनी रहे"। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रानी दुर्गावती ने "न केवल अकबर की सेना को तीन बार परास्त किया, अपितु सुशासन और जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी कई नवाचार करते हुए क्षेत्र को जनोन्मुखी शासन व्यवस्था प्रदान की"।

वीरांगना रानी दुर्गावती का ऐतिहासिक योगदान

रानी दुर्गावती गोंड साम्राज्य की वीरांगना रानी थीं, जिन्होंने मुगल बादशाह अकबर की सेना का डटकर मुकाबला किया। वह केवल एक पराक्रमी योद्धा ही नहीं थीं, बल्कि एक कुशल प्रशासिका भी थीं। उनके जल प्रबंधन और कृषि कौशल आज भी प्रेरणादायक हैं। उनका जीवन साहस, सुशासन और समर्पण का अनुपम उदाहरण है।

अन्य प्रमुख घोषणाएँ

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई अन्य बड़ी घोषणाएँ भी कीं:

· चिड़ियाघर-वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर: जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम से लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिड़ियाघर और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर विकसित किया जाएगा।

· मदन महल फ्लायओवर: जबलपुर के मदन महल क्षेत्र से गुजरने वाला फ्लायओवर भी वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा।

· पाठ्यक्रम में शामिलीकरण: रानी दुर्गावती के जीवन, पराक्रम और सुशासन के नवाचारों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा तथा इन विषयों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।

· स्टेडियम: गढ़ में रानी दुर्गावती के नाम पर स्टेडियम बनाने के लिए भी केंद्र सरकार से अनुमति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

· पुरस्कार: रानी दुर्गावती के विविध पक्षों को सामने लाने के लिए 5 लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया है।

जनजातीय गौरव और नारी शक्ति का प्रतीक

जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किए जाने का प्रस्ताव न केवल हमारे इतिहास के गौरव को सम्मान देने का प्रयास है, बल्कि जनजातीय अस्मिता और नारी शक्ति के अद्वितीय योगदान को भी नमन है।

आगे की प्रक्रिया

राज्य सरकार एयरपोर्ट के नामकरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। इस प्रस्ताव के स्वीकृत होने पर जबलपुर एयरपोर्ट आधिकारिक तौर पर 'वीरांगना रानी दुर्गावती एयरपोर्ट' के नाम से जाना जाएगा।

प्रदेश के लिए गर्व का विषय

 लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयास सराहनीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस प्रस्ताव पर सकारात्मक सहमति देना निश्चित रूप से मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। आशा है कि शीघ्र ही यह प्रस्ताव स्वीकृत होकर सभी को अपनी गौरवशाली विरासत पर और अधिक गर्व करने का अवसर प्रदान करेगा।