*वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर साधे निशान*
चीफ एडिटर जबलपुर। वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर बुधवार को जबलपुर का राजनीतिक माहौल गर्म रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गौर स्थित बलिदान स्थल पर रानी को श्रद्धांजलि अर्पित की और जबलपुर एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखने की बड़ी घोषणा की। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसी मंच से भाजपा सरकार पर आदिवासी समाज के साथ 'सिर्फ वोट की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के नामकरण का किया ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को जबलपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले नरई नाला स्थित रानी दुर्गावती की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोंड साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सीएम ने कार्यक्रम में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेशवासियों की इच्छा है कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाए। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी। उन्होंने कहा कि इससे देश-दुनिया से आने वाले लोगों को रानी दुर्गावती के शौर्य और बलिदान की याद बनी रहेगी। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद रहे।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए कई मुद्दे
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने इस मौके पर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। सिंघार ने कहा कि भाजपा आदिवासियों को 'वनवासी हिंदू' बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि आदिवासियों की अपनी अलग परंपराएं, संस्कृति और धार्मिक मान्यताएं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे में लाना चाहती है और आदिवासी समाज के साथ केवल वोट की राजनीति कर रही है। सिंघार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भागवत स्वयं कह चुके हैं कि 'सनातन से पहले आदिवासी थे', इसलिए आदिवासी समाज की अलग पहचान को स्वीकार किया जाना चाहिए।
सिकल सेल बीमारी और एयरपोर्ट नामकरण पर भी तंज
नेता प्रतिपक्ष ने सिकल सेल बीमारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से इसके लिए बड़ी राशि आती है, लेकिन उसका लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पाता।
जबलपुर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर चल रही चर्चा पर सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि हाल ही में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने खुद एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखने की मांग की थी। उन्होंने कहा, "जब प्रदेश और केंद्र में भाजपा की डबल इंजन सरकार है, तो अब तक यह फैसला क्यों नहीं हो पाया? मुख्यमंत्री केवल घोषणा न करें, बल्कि यह बताएं कि एयरपोर्ट पर रानी दुर्गावती का नाम का बोर्ड कब लगेगा?"
गौरतलब है कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने मुगल सेना से अपनी मातृभूमि और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनके बलिदान दिवस पर हर साल जबलपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।