ऑपरेशन हमदर्द : रेलवे स्टेशनों पर बेसहारा लोगों का डिजिटल डोजियर बनेगा,
पहले दिन 94 लोगों की हुई पहचान
विशेष रिपोर्टर भोपाल | रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाने और वहां लंबे समय से रह रहे बेघर व बेसहारा लोगों के पुनर्वास के उद्देश्य से मध्य प्रदेश जीआरपी (Government Railway Police) ने एक महत्वाकांक्षी अभियान 'ऑपरेशन हमदर्द' की शुरुआत की है। यह अभियान 1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक चलेगा।
अभियान के पहले ही दिन भोपाल की जीआरपी यूनिट ने बड़ी सफलता हासिल की है। जीआरपी थाना बीजी (भोपाल) द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर, प्लेटफार्म और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाकर कुल 94 बेसहारा लोगों का डिजिटल डोजियर तैयार किया गया। इनमें 77 पुरुष, 16 महिलाएं और 1 नाबालिग बालक शामिल हैं।
अभियान की 10 सूत्रीय कार्ययोजना
जीआरपी मुख्यालय द्वारा इस अभियान के लिए एक विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया गया है, जिसमें निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
1. विस्तृत पूछताछ: रेलवे स्टेशनों पर सामान्यतः अस्थायी निवास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति से विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
2. फोटो दस्तावेजीकरण: इन सभी लोगों की मोबाइल पर फोटो खींची जाएगी और उसे डिजिटल रिकार्ड में शामिल किया जाएगा।
3. दिव्यांगजनों का पुनर्वास: दिव्यांग व्यक्तियों की स्थिति में शासकीय योजनाओं के तहत उनके पुनर्वास की कार्रवाई की जाएगी।
4. नाबालिग बालक-बालिकाएं: नाबालिग बच्चों के मामलों में मुख्यालय द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
5. वयस्क महिलाएं: वयस्क महिलाओं को या तो उनके परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा या महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से उनके पुनर्वास की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
6. भिक्षावृत्ति पर नजर: भीख मांगने वालों से विस्तार से पूछताछ की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित गिरोह या सिंडिकेट का पता लगाया जा सके।
7. एकरूपता बनाए रखना: संलग्न डोजियर के प्रोफार्मा के अनुसार जानकारी संकलित की जाएगी, ताकि समस्त जीआरपी इकाइयों में एकरूपता बनी रहे।
8. कार्यवाहियों का लक्ष्य: इस दौरान पूरे महीने में प्रत्येक आरक्षक द्वारा कम से कम 10 तथा प्रधान आरक्षक द्वारा 20 कार्यवाहियां सुनिश्चित की जाएंगी।
9. सत्यापन: सभी कार्यवाहियों का सत्यापन सहायक उप निरीक्षक अथवा उप निरीक्षक द्वारा किया जाएगा।
10. थाना प्रभारी का सत्यापन: कम से कम 10 प्रतिशत कार्यवाहियों का सत्यापन थाना प्रभारी द्वारा किया जाएगा।
पहले दिन की उपलब्धियां
अभियान के पहले दिन जीआरपी भोपाल ने एक 14 वर्षीय नाबालिग बालक (निवासी चित्रकूट, उत्तर प्रदेश) को सकुशल उसके माता-पिता को सुपुर्द करने में सफलता प्राप्त की। इसके अलावा, जिन असहाय बेघर लोगों के परिजन नहीं मिल पाए, उन्हें स्वर्ग सेवा सदन के संचालक से संपर्क कराया गया।
गौरतलब है कि इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले हर व्यक्ति की 20 बिंदुओं पर विस्तृत प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इसमें नाम, पिता का नाम, उम्र, स्थायी और वर्तमान पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, स्टेशन पर कब से रह रहा है, परिजनों का संपर्क, आजीविका का साधन, आपराधिक रिकॉर्ड और नशे की आदत आदि की जानकारी दर्ज की जा रही है।
एडीजी (रेलवे) राजाबाबू सिंह ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ बेसहारा लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना है। पूरे प्रदेश में करीब 700 स्टेशन हैं, जिनमें 540 प्रमुख स्टेशनों पर यह अभियान चलेगा।