'नशे से दूरी, है जरूरी' अभियान के हुआ भव्य शुभारंभ* - Bhaskar Crime

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'नशे से दूरी, है जरूरी' अभियान के हुआ भव्य शुभारंभ*

 'नशे से दूरी, है जरूरी' अभियान के भव्य शुभारंभ'

नशे के खिलाफ जंग:आला अफसरों ने दिलाई नशा मुक्ति की शपथ

चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर, 15 जुलाई 2026। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने और युवाओं को इसकी बुराइयों से अवगत कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार आज पूरे प्रदेश के साथ जबलपुर में भी "नशे से दूरी, है जरूरी" पंद्रह दिवसीय जनजागरण अभियान की शुरुआत धूमधाम से की गई। भंवरताल स्थित संस्कृति भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन  प्रमोद वर्मा ने की, जिनके साथ पुलिस उप महानिरीक्षकअतुल सिंह, कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक  सम्पत उपाध्याय मंचासीन रहे।

सामूहिक शपथ और जनजागरण का संकल्प

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर समाजसेवी एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जितेंद्र जामदार, ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की डॉ. ऋचा शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़, अनु बेनिवाल, जितेंद्र सिंह सहित गणमान्य नागरिक, पुलिस बल, एनसीसी, एनएसएस के स्टाफ व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रमोद वर्मा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को जड़ से खोखला कर देता है। युवा राष्ट्र की रीढ़ हैं और अगर यह ताकत नशे की गिरफ्त में आ गई तो यह राष्ट्रीय क्षति होगी। उन्होंने कहा, "हमें खेल, प्रकृति और रचनात्मक गतिविधियों को अपनी आदत बनानी होगी, नशे को नहीं, क्योंकि नशा नाश का कारण है।" उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 14446 (परामर्श), 14441 (सुसाइड प्रिवेंशन) और 1933 (मानस हेल्पलाइन) की जानकारी साझा कर आमजन से इसका लाभ उठाने की अपील की।

नशा एक अभिशाप: कलेक्टर ने समझाई घर-परिवार पर पड़ने वाली मार

कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि नशा एक ऐसा सामाजिक अभिशाप है, जिससे ग्रस्त परिवार कभी प्रगति नहीं कर सकता। एक नशेड़ी व्यक्ति पूरे परिवार की पढ़ाई, स्वास्थ्य, देखरेख और वित्तीय स्थिति को चौपट कर देता है। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों तक स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि हर व्यक्ति इस अभियान का हिस्सा बने।

पुलिस अधीक्षक ने सिंथेटिक ड्रग्स पर कसी कमान, बोले-जनता करे सहयोग

पुलिस अधीक्षक  सम्पत उपाध्याय ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि समाज को नशा मुक्त बनाना भी है। उन्होंने बताया कि जिले में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अगर कहीं संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। डीआईजी श्री अतुल सिंह ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज को बर्बाद करता है, इसलिए युवा सकारात्मक गतिविधियों जैसे संगीत, खेल और करियर में अपना जुनून अपनाएं।

नुक्कड़ नाटक ने बांधा समा, रैली ने पूरे शहर को किया जागरूक

कार्यक्रम में नवज्योति नशामुक्ति केन्द्र अवधपुरी के कलाकारों ने संजय पांडे के निर्देशन में नशे के दुष्प्रभावों पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसने सभी को भावुक और विचारशील बना दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नशा मुक्ति संदेश भी प्रसारित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर एक विशाल जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली में पुलिस बल, अधिकारी, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़री, जिसमें लोगों ने पोस्टर, पंपलेट और नारों के जरिए नशे से दूर रहने का संदेश फैलाया।

सबने ली शपथ: जबलपुर को बनाएंगे नशा मुक्त

आईजी श्री प्रमोद वर्मा ने उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्त समाज की सामूहिक शपथ दिलाई। सभी ने एकस्वर में कहा, "मैं न केवल अपने परिवार, मित्रों और समुदाय, बल्कि खुद को भी नशा मुक्त करूंगा, क्योंकि बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है। हम सब मिलकर अपने जिले जबलपुर को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ निश्चय करते हैं।"

उल्लेखनीय है कि इस पंद्रह दिवसीय अभियान के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में संवाद, विचार गोष्ठियां, हाट-बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर-पंपलेट वितरण और रैलियों का सिलसिला जारी रहेगा। जबलपुर पुलिस का यह जनसंपर्क अभियान समाज को नशे की जंजीरों से मुक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।