टूटा 'A' बना कातिलों की हार, हाईवा से कुचलने की साजिश का पर्दाफाश - Bhaskar Crime

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टूटा 'A' बना कातिलों की हार, हाईवा से कुचलने की साजिश का पर्दाफाश

 हत्याकांड का अनोखा खुलासा: टूटा 'A' बना कातिलों की हार, हाईवा से कुचलने की साजिश का पर्दाफाश


चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर/नरसिंहपुर  नरसिंहपुर जिले के थाना सुआतला क्षेत्र के इंद्रानगर के पास 19 जुलाई को राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी, दरअसल एक सुनियोजित हत्या की साजिश निकली। नरसिंहपुर पुलिस ने महज छह दिनों में इस मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो हाईवा डम्पर, महिंद्रा थार, टोयोटा फॉर्च्यूनर और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

इस पूरे हत्याकांड का सबसे अहम सुराग घटनास्थल से मिला अंग्रेजी अक्षर 'A' का टूटा हुआ मोनोग्राम बना, जिसने पुलिस को सीधे हत्या में इस्तेमाल किए गए वाहन तक पहुंचा दिया।

पहले हादसा लगा, फिर खुली हत्या की परतें

19 जुलाई को तेज रफ्तार हाईवा ने सड़क किनारे खड़े 6-7 लोगों को कुचल दिया था। इस दर्दनाक घटना में राजेन्द्र पटैल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक व्यक्ति अभी भी उपचाररत है। शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने स्वयं घटनास्थल पहुंचकर देर रात तक जांच की और हर छोटे-बड़े साक्ष्य का बारीकी से निरीक्षण किया।

टूटा हुआ 'A' बना जांच का टर्निंग पॉइंट

घटनास्थल पर मिला अंग्रेजी अक्षर 'A' (मोनोग्राम) पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। इससे यह अनुमान लगा कि वाहन टाटा कंपनी का हो सकता है। इसके बाद शाहपुरा (जबलपुर) से लेकर घटनास्थल तक हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हाईवा डम्पर को हीरापुर-बंदरोहा के जंगलों से बरामद कर लिया।

पुरानी रंजिश में रची गई थी हत्या की साजिश

जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध राजा पटैल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि मृतक राजेन्द्र पटेल और आनंद पटैल के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आनंद पटैल ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजेन्द्र की हत्या की साजिश रची थी।

लोकेशन शेयर होते ही मौत का जाल बिछा

घटना वाले दिन राजा पटैल ने मोबाइल फोन के जरिए राजेन्द्र पटेल की लोकेशन और पहचान की जानकारी मुख्य आरोपी आनंद पटैल को दी। इसके बाद पहले से तैयार योजना के अनुसार दो हाईवा डम्परों को हाईवे की दोनों दिशाओं में तैनात किया गया, ताकि मृतक जिस दिशा में मिले, उसी ओर से उसे कुचलकर हत्या की जा सके और इसे सड़क हादसा साबित किया जा सके।

रातभर जंगलों में चला पुलिस का सर्च ऑपरेशन

साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने पहले भरत पटेल और अनिल पटेल को गिरफ्तार किया। इसके बाद मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपी जंगलों में फरार हो गए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने आनंद पटैल (लोधी), अनुज पटैल, अरविंद पटैल, नरेन्द्र ठाकुर और अमित खरे को भी गिरफ्तार कर लिया।

आठ आरोपियों की भूमिका

· आनंद पटैल (लोधी) – मुख्य साजिशकर्ता एवं हाईवा चालक।

· अनुज पटैल – हाईवा में साथ रहकर वारदात में सहयोगी।

· राजा पटैल – मृतक की लोकेशन और गतिविधियों की रेकी।

· अरविंद पटैल – मृतक की सूचना उपलब्ध कराना।

· भरत पटेल – लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी देना।

· अनिल पटैल – घटना के बाद आरोपियों को शरण देना।

· नरेन्द्र ठाकुर – आरोपियों को छिपाने और सहयोग करने की भूमिका।

· अमित खरे – हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की सलाह देकर साक्ष्य छिपाने में सहयोग।

पुलिस ने किए ये वाहन और सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हाईवा डम्पर, महिंद्रा थार, टोयोटा फॉर्च्यूनर और कई मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की विवेचना जारी है

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस चुनौतीपूर्ण एवं संवेदनशील प्रकरण के सफल खुलासे में एसडीओपी तेन्दूखेडा अभिनव मिश्रा, एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक उमेश तिवारी के नेतृत्व में निरीक्षक गौरव चाटे, निरीक्षक किशोर वामनकर, निरीक्षक प्रियंका केवट, उप निरीक्षक मनीष मरावी, उप निरीक्षक आशीष बोपचे, सहायक उप निरीक्षक सुमित तिवारी, प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेश वागरी, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र ठाकुर, प्रधान आरक्षक कुलदीप सोमकुंवर, प्रधान आरक्षक अशोक कुमार, आरक्षक पंकज राजपूत, आरक्षक संजय पांडे, आरक्षक अजय ठाकुर तथा साइबर सेल से महिला आरक्षक कुमुद पाठक की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।

रिपोर्ट: नरसिंहपुर पुलिस की सटीक कार्रवाई ने साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया, जिससे यह साबित हो गया कि अपराध चाहे कितना भी चालाकी से क्यों न किया जाए, मॉडर्न जांच तकनीक और सतर्कता के आगे वह असफल ही होता है।