हेलमेट चेकिंग अभियान, नेता जी का फोन पर बात से इनकार के बाद मौके पर पहुंचे नेता - Bhaskar Crime

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हेलमेट चेकिंग अभियान, नेता जी का फोन पर बात से इनकार के बाद मौके पर पहुंचे नेता

 ट्रैफिक पुलिस विशेष हेलमेट चेकिंग अभियान, नेता जी का फोन पर बात से इनकार के बाद मौके पर पहुंचे नेता

हेलमेट अभियान में पुलिस और भाजपा नेता के बीच बढ़ा तनाव , पुलिस का जवाब में मिला"हमें भी करा दो"

 हेलमेट चेकिंग अभियान, में  कानून का पालन में राजनीतिक दखल पुलिस और नेता की तू तू मैं मैं

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज भोपाल। राजधानी  में रविवार  ट्रैफिक पुलिस के हेलमेट चेकिंग अभियान के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने शहर भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित और ट्रैफिक थाना प्रभारी (टीआई) संजय सूर्यवंशी के बीच सड़क पर हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस झड़प के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प और बहुआयामी है।

फोन पर बात से इनकार के बाद मौके पर पहुंचे नेता

दरअसल, पूरा मामला भोपाल के कंट्रोल रूम तिराहे का है, जहां ट्रैफिक पुलिस विशेष हेलमेट चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान पुलिस ने बिना हेलमेट बाइक चला रहे एक युवक को रोका। बताया जा रहा है कि यह युवक भाजपा से जुड़ा कार्यकर्ता है। उसने मौके पर मौजूद ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी से अपने नेता अभय पंडित से फोन पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन टीआई ने फोन पर बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद अभय पंडित स्वयं मौके पर पहुंच गए और विवाद शुरू हो गया।

"चौथ वसूली" का गंभीर आरोप

वीडियो में भाजपा नेता अभय पंडित ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर वाहन चालकों से कथित तौर पर "चौथ वसूली" और अवैध वसूली करने का आरोप लगाया। पंडित ने सड़क पर ही पुलिसकर्मियों से सवाल किया कि वे किस आधार पर लोगों से जुर्माना वसूल रहे हैं और यह पैसा कहां जा रहा है। उनका कहना था कि पुलिस अभियान के नाम पर आम लोगों से मनमानी कर रही है।

टीआई का सख्त जवाब और चेतावनी

वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने भाजपा नेता को साफ शब्दों में कहा कि यह सरकारी कार्य है और इसमें कोई बाधा नहीं डाल सकता। टीआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे सरकारी काम में बाधा डालेंगे या पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जवाब में मिला"हमें भी करा दो"

घटनाक्रम के दौरान एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब भाजपा नेता अभय पंडित ने हाल ही में हुई एक टीआई की सस्पेंशन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी एक टीआई को निलंबित किया गया है। इस पर ट्रैफिक टीआई ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा, "हमें भी करा दो" - जो इस बात को दर्शाता है कि वे किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी से प्रभावित नहीं हैं।

करीब ढाई मिनट की बहस हुई वायरल

करीब ढाई मिनट तक चली इस नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को साफ देखा जा सकता है। मामला उस समय और गर्मा गया जब आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और दोनों पक्षों की बहस को देखने लगे।

पुलिस और भाजपा नेता के बीच बढ़ा तनाव

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से पुलिस और राजनेताओं के बीच के रिश्तों पर सवाल खड़े किए हैं। जहां एक तरफ भाजपा नेता ने पुलिस पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने इसे सरकारी कार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की बाधा को खारिज किया है। इस मामले में अब पुलिस अधीक्षक स्तर पर भी संज्ञान लेने की संभावना जताई जा रही है।

निष्कर्ष: कानून का पालन बनाम राजनीतिक दखल

यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस की सख्ती और राजनेताओं के दखल के बीच अक्सर टकराव होते रहते हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में पुलिस प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और क्या इस घटना का कोई राजनीतिक असर होता है या नहीं। फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले ने राजधानी भोपाल में एक नई बहस छेड़ दी है।