पुलिस के गरबा महोत्सव ने बदली विभाग की तस्वीर - Bhaskar Crime

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पुलिस के गरबा महोत्सव ने बदली विभाग की तस्वीर

*भोपाल पुलिस के गरबा महोत्सव ने बदली विभाग की तस्वीर*

*पुलिस परिवार की महिलाओं और बच्चियों ने ली बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी*

*डीजीपी ने मां अम्बे की आरती से किया दूसरे दिन का शुभारंभ*

*सुरक्षा और सामुदायिक जुड़ाव का अनूठा मेल,पुरस्कार वितरण और आभार*

भोपाल संवाददाता / आमतौर पर यूनिफॉर्म, कानून और अपराधियों से जुड़ी खबरों में सुनाई देने वाली भोपाल पुलिस ने इस नवरात्रि पर एक नई छवि पेश की है। यह छवि थिरकते हुए जूनून, हंसते हुए चेहरों और उमंग से भरे एक ऐसे समुदाय की है, जो आम दिनों में सख्त नजर आता है। पुलिस कमिश्नरेट परिसर में दो दिन तक चला गरबा महोत्सव सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि अपने ही लोगों के साथ जुड़ने का पुलिस विभाग का एक अनूठा अभियान साबित हुआ।

*पुलिस परिवार की महिलाओं और बच्चियों ने ली बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी*

डीजीपी कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में आयोजित इस भव्य समारोह में जिला पुलिस बल, 7वीं, 23वीं और 25वीं वाहिनी की महिलाओं और बच्चियों समेत लगभग 1200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।  धार्मिक धुनों पर थिरकते इन प्रतिभागियों के उत्साह को देखने के लिए पुलिस परिवार और आम नागरिकों की भी भीड़ उमड़ पड़ी। माहौल इतना रंगीन था कि दर्शक और प्रतिभागी के बीच का फर्क मिट सा गया था।

*डीजीपी ने मां अम्बे की आरती से किया दूसरे दिन का शुभारंभ*

महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत खुद डीजीपी  मकवाणा ने अम्बे मां की आरती के साथ की। इस खास मौके पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, रिटायर्ड अधिकारी और उनके परिवार भी मौजूद रहे। यह नजारा बेहद भावनात्मक था, जहां एक तरफ आरती की धार्मिक धुन थी, तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस परिवार के बीच सामूहिक उत्साह का वातावरण था।

*सुरक्षा और सामुदायिक जुड़ाव का अनूठा मेल*

गरबा स्थल पर महिला सुरक्षा शाखा और यातायात पुलिस ने जागरूकता प्रदर्शनी लगाकर एक सराहनीय पहल की। वहीं, पुलिस परिवार के सदस्यों द्वारा लगाए गए 16 खान-पान स्टॉल ने पूरे event को एक मेले का रूप दे दिया। डीजीपी  मकवाणा ने इन सभी स्टॉल्स का अवलोकन किया और प्रतिभागियों की हौसलाफजाई की।

    *पुरस्कार वितरण और आभार*

समारोह के अंत में डीजीपी मकवाणा ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही, उन्होंने नवरात्रि और दशहरे की शुभकामनाएं भी दीं। वहीं, पुलिस परिवार की ओर से डीजीपी को इस भव्य और सफल आयोजन के लिए खास आभार जताया गया।

     "यह खबर जरा हटके है, क्योंकि"

· यह पुलिस की एक अलग, मानवीय और उत्सवधर्मी छवि पेश करती है।

· यह दिखाती है कि कैसे एक सशस्त्र बल अपने लोगों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ सकता है।

· महिलाओं और बच्चियों की सक्रिय भागीदारी एक सकारात्मक संदेश देती है।