10 लाख रुपये लेकर जमीन नहीं दी, न ही रुपया वापस किया, जनसुनवाई में शिकायत - Bhaskar Crime

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10 लाख रुपये लेकर जमीन नहीं दी, न ही रुपया वापस किया, जनसुनवाई में शिकायत

*10 लाख रुपये लेकर जमीन नहीं दी, न ही रुपया वापस किया*

*आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई में शिकायत किया*

जबलपुर संवाददाता / एक महिला ने मंगलवार को जनसुनवाई में एक व्यक्ति के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उसने एक व्यक्ति से नोटरीकृत विकय अनुबंध के तहत जमीन खरीदने के लिए 10 लाख रुपये का भुगतान किया, इस की शिकायत थाना गोराबाजार में भी किया था लेकिन विक्रेता ना तो जमीन का रजिस्ट्री  (बैनामा) कराया और न ही अब रकम वापस लौटा रहा है

शिकायतकर्ता का पक्ष:शिकायतकर्ता महिला श्रीमती सरोजराय पति सुनील कुमार राय पेंटीनाका पेट्रोलपप के पीछे केन्ट निवासी के अनुसार, उसने दिनांक 22 नवंबर, 2022 को अनावेदक (प्रतिवादी) के साथ एक नोटरीकृत विकय अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अनुबंध के तहत, मौजा टेमरभीटा, तहसील रांझी, जबलपुर स्थित कुल 2000 वर्ग फुट (दो प्लॉट) की जमीन 17 लाख रुपये में खरीदने का समझौता हुआ।

· महिला ने बुकिंग राशि के तौर पर 10 लाख रुपये का भुगतान भारतीय स्टेट बैंक के चेक से किया, जिसकी रसीद भी प्रतिवादी ने जारी की।

· अनुबंध में तय हुआ कि जमीन की रजिस्ट्री 30 जून, 2023 तक पूरी की जाएगी।

· एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी थी कि यदि किसी कारण से रजिस्ट्री नहीं हो पाती, तो प्रतिवादी महिला की अग्रिम राशि 10 लाख रुपये पर 20% ब्याज के साथ वापस करेगा।

शिकायतकर्ता का आरोप है 

1. अनुबंध के मुताबिक, प्लॉट को पूर्ण डायवर्सन, सड़क, नाली, बिजली आदि बुनियादी सुविधाओं के साथ हस्तांतरित किया जाना था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।

2. रजिस्ट्री की तय समयसीमा (30 जून, 2023) समाप्त होने से पहले ही, जब कार्य पूरा नहीं हुआ, तो महिला ने अपना पैसा वापस मांगा।

3. कथित तौर पर प्रतिवादी ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के डिमांड ड्राफ्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और इसके बजाय दो बैंकर्स चेक दिए। ये चेक थे:

   · चेक नंबर 039979, दिनांक 25/06/2024, राशि 17,28,000 रुपये

  · चेक नंबर 040010, दिनांक 30/09/2024, राशि 18,00,000 रुपये

4. शिकायत में दावा किया गया है कि ये चेक भी बैंक में नहीं लगे, जिसके बाद महिला को मजबूरन जनसुनवाई में शिकायत करनी पड़ी।

मांग:शिकायतकर्ता ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि प्रतिवादी पर क appropriate कार्रवाई करते हुए उसकी 10 लाख रुपये की राशि को 20% ब्याज सहित तुरंत वापस दिलवाया जाए।

इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।