*डीआईजी विनीत कपूर ने जबलपुर में ली अधिकारियों की बैठक*
*कम्यूनिटी पुलिसिंग को और मजबूत करने तथा नई चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई*
*बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ता एवं एनजीओ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया*
जबलपुर संवाददाता / आज पुलिस मुख्यालय भोपाल से पधारे डी.आई.जी कम्यूनिटी पुलिसिंग विनीत कपूर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली इस बैठक में कम्यूनिटी पुलिसिंग को और मजबूत करने तथा नई चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई।
"बैठक में मौजूद थे प्रमुख अधिकारी"
इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुश्री अंजना तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेंद्र सिंह सहित समस्त नगर पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ता एवं एनजीओ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
"कार्यशैली में लाना होगा बदलाव" - डीआईजी कपूर
बैठक को संबोधित करते हुए डीआईजी श्री विनीत कपूर ने कहा कि वर्तमान बदलते सामाजिक एवं तकनीकी परिवेश को ध्यान में रखते हुए कार्यशैली में बदलाव लाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा, "आगामी समय में तकनीकी अपराधों से निपटने के लिए पूरी सजगता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। संवेदनशील रहकर कार्य करने पर पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी।"
"कम्यूनिटी पुलिसिंग को बताया कारगर हथियार"
श्री कपूर ने कम्यूनिटी पुलिसिंग को पुलिस-जनता के रिश्तों में सुधार लाने और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बताया। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का प्रयोग, अवैध शराब व खनन, महिलाओं के विरुद्ध अपराध और सांप्रदायिक दंगों जैसे मुद्दों पर काबू पाने के लिए जनता का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सृजन कार्यक्रम और एनजीओ की भूमिका
डीआईजी ने 15 दिसंबर से शुरू होने वाले 'सृजन' कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए नगर एवं ग्राम रक्षा समितियों के संस्थागत पुनर्गठन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा काउंसलिंग जैसे क्षेत्रों में पुलिस और एनजीओ का साथ मिलकर कार्य करना अधिक सार्थक परिणाम ला सकता है इस बैठक के माध्यम से जबलपुर पुलिस द्वारा सामुदायिक सहयोग से अपराध नियंत्रण और बेहतर कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयासों को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।