क्राइम ब्रांच का खुलासा एक महिला और एक पुरुष हाथ में ट्रॉली बैग में गांजा के साथ गिरफ्तार - Bhaskar Crime

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क्राइम ब्रांच का खुलासा एक महिला और एक पुरुष हाथ में ट्रॉली बैग में गांजा के साथ गिरफ्तार

*क्राइम ब्रांच का खुलासा एक महिला और एक पुरुष हाथ में ट्रॉली बैग में गांजा के साथ गिरफ्तार*

*क्राइम ब्रांच को सूचना मिली एक महिला और एक पुरुष हाथ में ट्रॉली बैग लिए संदिग्ध अवस्था में खड़े हैं*

*मां-बेटे का ड्रग्स रैकेट: 16.680 किलो गांजा के साथ दोनों गिरफ्तार*

विशेष रिपोर्टर जबलपुर। क्राइम ब्रांच और गोरखपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मां-बेटे को 16 किलो 680 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह दोनों पिछले एक साल से जबलपुर में रहकर गांजा तस्करी का धंधा कर रहे थे और हर 15 दिन में उड़ीसा से माल लेकर आते थे। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार की भनक तक पुलिस को नहीं लगी।

कैसे हुआ खुलासा: गुरुवार  की रात को क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि ऐरावत चौक हाथीताल के पास एक महिला और एक पुरुष हाथ में ट्रॉली बैग लिए संदिग्ध अवस्था में खड़े हैं। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और गोरखपुर पुलिस ने मौके पर दबिश दे दी। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान चंदन जैन (37) और उनकी मां राजुल जैन उर्फ राजकुमारी जैन (63) निवासी हाथीताल हाउसिंग बोर्ड के रूप में हुई। संदेह के आधार पर जब ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई तो उसमें से 8-8 पैकेटों में कुल 16 पैकेट गांजा बरामद हुआ। जब्त किए गए गांजे की कुल कीमत करीब 8 लाख 34 हजार रुपये आंकी गई है।

अवैध कमाई का आसान जरिया बनी तस्करी:

पुलिस का कहना है कि गांजे की तस्करी इन दिनों अवैध रूप से पैसे कमाने का सबसे आसान जरिया बन गया है। पहले जहां तस्कर लड़कियों का इस्तेमाल माल पहुंचाने के लिए करते थे, वहीं अब मां-बेटे जैसे रिश्तों का फायदा उठाकर इस धंधे को अंजाम दिया जा रहा है। आसान अवैध कमाई के लालच में यह मां-बेटा भी इस नेटवर्क का हिस्सा बन गए।

थाना प्रभारी गोरखपुर  नितिन कमल ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है कि यह गांजा उन्हें कहां से और किससे मिला। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पूरे एक साल तक वे जबलपुर में रहकर कैसे इस कारोबार को अंजाम दे रहे थे।

सराहनीय भूमिका: इस सफल कार्रवाई में क्राइम ब्रांच की निरीक्षक श्रीमती प्रतीक्षा मार्को, सहायक उप निरीक्षक प्रशांत सोलंकी, अनिल पाण्डे, प्रधान आरक्षक अटल जंघेला, आरक्षक राजेश मिश्रा, अजीत सिंह, विनय सिंह, प्रदीप टेकाम के साथ ही सायबर सेल के उप निरीक्षक कपूर सिंह, आरक्षक नीरज तिवारी तथा थाना गोरखपुर से उप निरीक्षक चंद्रभान सिंह, आरक्षक सौरभ और महिला आरक्षक दीपिका सिंह की भूमिका सराहनीय रही। यह कार्रवाई थाना प्रभारी अपराध श्री शैलेष मिश्रा के निर्देशन में की गई।