*सहकारी समितियों में अब नहीं चलेगी लापरवाही: कलेक्टर मीणा ने बताई नई रणनीति*
विशेष संवाददाता भिण्ड/ जिले की सहकारी समितियों के कामकाज में आमूलचूल बदलाव की आहट है। जिला कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक किरोड़ी लाल मीणा ने शनिवार को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब इन संस्थाओं में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस माह प्रत्येक समिति को 150 से 200 नए सदस्य जोड़ने और पूर्ण डिजिटलीकरण का लक्ष्य दिया है जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के शाखा प्रबंधकों और फील्ड स्टाफ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर मीणा ने स्पष्ट किया कि अब बैंक और समितियों के कामकाज में पारदर्शिता और आधुनिकता प्राथमिकता होगी।
(कलेक्टर के प्रमुख दिशा निर्देश)
1. अनिवार्य होगा पूर्ण डिजिटलीकरण:
सभी सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण अनिवार्य किया गया है। कलेक्टर श्री मीणा ने निर्देश दिए कि बैंक के समस्त स्टाफ को संबंधित सॉफ्टवेयर की गहन जानकारी होनी चाहिए, ताकि सभी कार्य ऑनलाइन और पारदर्शी ढंग से किए जा सकें।
2. इसी माह जुड़ेंगे 150-200 नए सदस्य:
सहकारी आंदोलन को विस्तार देने और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए प्रत्येक समिति को इसी माह 150 से 200 नए सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इसका उद्देश्य जिले के किसानों एवं नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है।
3. 'जीरो टॉलरेंस' के साथ होंगे औचक निरीक्षण:
कलेक्टर मीणा ने चेतावनी दी कि वे किसी भी समय किसी भी समिति का भौतिक निरीक्षण कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान वित्तीय अनियमितता या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
4. कार्यालय समय व स्थान में अनुशासन:
समितियों के संचालन को लेकर स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा गया कि समिति का कार्यालय अनिवार्य रूप से उसके निर्धारित कार्यक्षेत्र में ही होगा। साथ ही, कार्यालय को प्रतिदिन निर्धारित समय पर खोलना अनिवार्य होगा, ताकि सदस्यों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इन कदमों से सहकारी समितियों के कामकाज में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
