*मंगल ग्राउंड में 'अमंगल' करने से पहले ही आरोपी पिस्टल के साथ गिरफ्तार* - Bhaskar Crime

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*मंगल ग्राउंड में 'अमंगल' करने से पहले ही आरोपी पिस्टल के साथ गिरफ्तार*

*मंगल ग्राउंड में 'अमंगल' करने से पहले ही आरोपी पिस्टल के साथ गिरफ्तार*

*मुखबिर की सूचना पर दबिश,आरोपी की पहचान और हथियार की बरामदगी*

चीफ रिपोर्टर जबलपुर,/ थाना घमापुर क्षेत्र के मंगल पराग ग्राउंड में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या अवैध हथियार की सप्लाई करने की योजना पर पुलिस ने समय रहते पानी फेर दिया। थाना घमापुर और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक आरोपी को अवैध देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह और डीएसपी क्राइम उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में टीम का गठन किया गया था।

मुखबिर की सूचना पर दबिश:

थाना प्रभारी घमापुर उप निरीक्षक दिनेश गौतम ने बताया कि 14 मार्च को क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली कि मंगल पराग ग्राउंड के पास एक संदिग्ध व्यक्ति, जिसने सफेद-काली छींट वाली शर्ट और नीली पैंट पहनी है, कमर में पिस्टल खोसकर खड़ा है। वह किसी वारदात या हथियार की बिक्री की फिराक में था।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दे दी। मुखबिर के बताए हुलिए के व्यक्ति को ग्राउंड में जामुन के पेड़ के नीचे बैठा देख घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

आरोपी की पहचान और हथियार की बरामदगी:

पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम अभय वर्मा (30 वर्ष) पिता सरोज वर्मा, निवासी हनुमान टोरिया, कांचघर बताया। तलाशी के दौरान आरोपी की कमर की दाहिनी तरफ से एक देसी पिस्टल बरामद हुई। पुलिस ने जब मैगजीन चेक की तो उसमें 1 जिंदा कारतूस भी लोड मिला।

पूछताछ और केस दर्ज:

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 पिस्टल और 1 कारतूस जब्त कर लिया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि उसने यह हथियार कहां से और कैसे प्राप्त किया तथा वह इसका इस्तेमाल किस घटना को अंजाम देने के लिए करना चाहता था।

टीम को सराहनीय सफलता:

इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी घमापुर उप निरीक्षक दिनेश गौतम और क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह के साथ ही आरक्षक प्रदीप टेकाम, राजेश मात्रे, राजेश मित्रा और इंद्रजीत यादव की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में एक बड़ी घटना को टाल दिया गया है।