*चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन | मां कूष्मांडा पूजा | विनायक चतुर्थी*
*मां कूष्मांडा की पूजा से रोग, दोष एवं कष्टों का नाश होता है तथा सभी कार्य सफल होते हैं*
आज के विशेष अवसर
चैत्र नवरात्रि दिवस 4: मां कूष्मांडा की पूजा, साधना से कार्य सिद्धि और कष्टों का नाश।
· विनायक चतुर्थी: गणेश जी की विशेष पूजा का दिन।
· रविवार व्रत एवं सूर्य पूजा: आरोग्य और समृद्धि का दिन।
तिथि, नक्षत्र और योग
· तिथि: चैत्र शुक्ल चतुर्थी
· नक्षत्र: भरणी
· करण: वणिज
· योग: वैधृति
· रवि योग: शुभ कार्यों के लिए विशेष लाभकारी
चंद्रमा और दिशा
· चंद्रमा राशि: मेष
· दिशाशूल: पश्चिम (इस दिशा में यात्रा से बचें)
· विशेष सावधानी: आज चंद्रमा का दर्शन वर्जित है।
अशुभ काल (राहुकाल एवं भद्रा)
· राहुकाल: शाम 4:30 – 6:00 (स्थानीय समयानुसार)
· भद्रा: स्वर्ग की भद्रा – विवाह, मांगलिक कार्यों हेतु शुभ नहीं।
पूजा का महत्व
मां कूष्मांडा की पूजा से रोग, दोष एवं कष्टों का नाश होता है तथा सभी कार्य सफल होते हैं।
