*वर्षा ऋति से पहले ही महापौर और निगमायुक्त ने मारी चौकस*
*बैठक में जलभराव की रोकथाम के लिए बनाई ठोस योजना*
चीफ रिपोर्टर जबलपुर। वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व ही नगर निगम ने कमर कस ली है। महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने आज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक में शहर को जलप्लावन से मुक्ति दिलाने के लिए कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिससे इस बार नागरिकों को बारिश में राहत मिलने की उम्मीद है।
नालों की सफाई में नवाचार: दीवारों पर लिखे जाएंगे नाम
बैठक में सबसे अहम निर्णय नाला-नालियों की सफाई को लेकर लिया गया। अब जवाबदेही तय करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
· रोस्टर जारी: नाला-नालियों की सफाई के लिए विस्तृत रोस्टर तैयार कर लिया गया है।
· नवाचार: सफाई पूरी होने के बाद नालों की दीवारों पर सफाई की तिथि और सफाई टीम के सदस्यों के नाम स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएंगे। इससे कार्य की पारदर्शिता बनी रहेगी और लापरवाही पर अंकुश लगेगा।
· नागरिकों की भूमिका: महापौर ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस प्रणाली पर निगरानी रखें और अपने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर सतर्क रहें।
’तड़ीझाड़’ सफाई अभियान: छोटे-बड़े सभी नालों पर फोकस
शहर के जल निकासी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक बड़े पैमाने पर ’तड़ीझाड़’ सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
· विशेष ध्यान: शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई सुनिश्चित की जा रही है।
· हॉटस्पॉट पर नजर: एल एण्ड टी नाला और एन.एम.टी. के पास स्थित प्रमुख नालों की सफाई पर विशेष बल दिया जा रहा है, जहां पिछले वर्षों में जलभराव की समस्या अधिक रही है।
2 सालों में मिली सफलता, इस बार और बेहतर तैयारी
महापौर ने बताया कि नगर निगम के लगातार प्रयासों से पिछले 2 वर्षों में शहर में जलभराव की समस्या में भारी कमी आई है। इस वर्ष उस अनुभव को आधार मानकर और बेहतर योजना बनाई गई है, जिससे वर्षा ऋतु में नागरिकों को जलप्लावन से पूरी तरह राहत मिल सके।
स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश
जलभराव की रोकथाम के साथ-साथ महापौर ने शहर की समग्र स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए:
· डोर-टू-डोर कलेक्शन: कचरा संग्रहण को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
· नाईट स्वीपिंग: रात्रि में सफाई (नाईट स्वीपिंग) व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, जिससे सुबह नागरिकों को साफ-सुथरा शहर दिखे। इस व्यवस्था की नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में महापौर ने कहा, "हमारा उद्देश्य केवल नालों की सफाई करना नहीं, बल्कि एक ऐसी स्थायी व्यवस्था बनाना है जिससे नागरिकों को वर्षा ऋतु में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पिछले अनुभवों से सीखते हुए इस वर्ष हम और अधिक व्यवस्थित तरीके से कार्य कर रहे हैं। कार्य कराकर नागरिकों को जलप्लावन से राहत देगें।"
इस अवसर पर निगमायुक्त श्री अहिरवार के साथ अपर आयुक्त देवेन्द्र चौहान, उपायुक्त संभव अयाची, सहायक नोडल अधिकारी अभिनव मिश्रा, सभी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और मुख्य स्वच्छता निरीक्षक सहित स्वास्थ्य अमले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।