*पुस्तक मेले के माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, स्टेशनरी तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री एक ही स्थान पर*
*छात्रों एवं अभिभावकों की सुविधा हेतु 25 मार्च से 05 अप्रैल तक आयोजित होगा पुस्तक मेला, तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न*
चीफ रिपोर्टर जबलपुर/ जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले पुस्तक मेले का आयोजन इस वर्ष भी 25 मार्च से 05 अप्रैल तक गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक परिसर में किया जायेगा। पुस्तक मेले के माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, स्टेशनरी तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री एक ही स्थान पर प्रतिस्पर्धात्मक एवं उचित मूल्य पर आसानी से उपलब्ध कराई जायेंगी।
पुस्तक मेले के सफल आयोजन एवं व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए आज शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आवश्यक बैठक आयोजित की गई। मेला प्रभारी अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गेहलोत की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में मेले की तैयारियों, व्यवस्थाओं तथा विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये गये।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के सीईओ श्री गेहलोत ने कहा कि यह पुस्तक मेला विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए अत्यंत उपयोगी पहल है। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले में जिले के सभी विद्यालयों से संबंधित पाठ्यपुस्तकों, गणवेश तथा स्टेशनरी सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि अभिभावकों को विभिन्न स्थानों पर भटकना न पड़े और उन्हें आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर आसानी से प्राप्त हो सके।
मेले में रहेगी ये विशेष व्यवस्थाएं
श्री गहलोत ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मेला परिसर में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खान-पान की उचित व्यवस्था भी की जाए।
पुरानी पाठ्यपुस्तकों की होगी व्यवस्था
विशेष पहल के रूप में इस वर्ष भी मेले में पुरानी पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। अभिभावक एवं विद्यार्थी नाममात्र के शुल्क पर रेडक्रॉस सोसायटी को भुगतान कर पुरानी पुस्तकें प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को कम लागत में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना है। जो भी विद्यालय अथवा अभिभावक अपनी पुरानी पाठ्यपुस्तकों का दान करना चाहते हैं, वे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं, ताकि इन पुस्तकों को संकलित कर मेले के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र
जिला पंचायत के सीईओ ने बताया कि पुस्तक मेले को अधिक आकर्षक और जनसहभागिता से परिपूर्ण बनाने के लिए प्रतिदिन शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों एवं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे मेले का वातावरण सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और मनोरंजक बनेगा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था रहेगी चुस्त
श्री गहलोत ने पुस्तक मेले में आने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों एवं दुकानदारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस एवं होमगार्ड बल की समुचित तैनाती तथा मेला परिसर में यातायात व्यवस्था एवं भीड़ प्रबंधन के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये।
इनकी रही उपस्थिति
बैठक में सहायक मेला प्रभारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, जिला कोषालय अधिकारी श्रीमती विनायिका लकरा, नोडल अधिकारी पुरातत्व संस्कृति एवं पर्यटन परिषद राजीव मिश्रा, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ सिंह, प्रभारी संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय आशीष दीक्षित, प्रभारी अपर आयुक्त मनोज श्रीवास्तव, केंद्रीय विद्यालय के उपायुक्त दिग्गराज मीणा, जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा, प्राचार्य डाइट अजय दुबे, विधि प्रभारी कृष्णकांत शर्मा, ई-गवर्नेंस समिति के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी, खाद्य अधिकारी देवेंद्र दुबे, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
