*बड़ा हादसा टला: हनुमानताल में महिला स्कूटी समेत तालाब में गिरी पुलिस ने बचाई जान*
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(मनोज विश्वकर्मा=चीफ एडिटर)✍️
जबलपुर। शहर के ऐतिहासिक हनुमानताल में आज दिनदहाड़े एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक महिला स्कूटी से जा रही थी, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक बाइक ने ओवरटेक करने के चक्कर में महिला को घबरा दिया। इससे अनियंत्रित होकर महिला अपनी स्कूटी समेत तालाब में जा गिरी मौके पर पुलिस ए.एस.आई चतुर्भुज सिंह और आरक्षक दिलीप दबे ने पानी से निकलकर शिक्षका की जान बचाई जिसे अस्पताल भेज दिया गया
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद आम नागरिकों और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को बाहर निकाला। महिला को गिरने से चोटें आई हैं, लेकिन समय पर मिली मदद से उसकी जान बच गई। फिलहाल उसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
*दूसरी घटना: बड़े जैन मंदिर के सामने ऑटो सहित चार बच्चे हुए थे घायल*
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में बड़े जैन मंदिर के सामने एक ऑटो अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चार बच्चे घायल हो गए थे। तब भी आम नागरिकों ने तुरंत मदद कर बच्चों को अस्पताल पहुंचाया था। आज यह दूसरी घटना है, जो बड़ा हादसा बनने से बच गई।
स्थानीय नागरिकों ने उठाए सवाल: क्यों नहीं लगाई गई रेलिंग?
घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों ने नगर निगम और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि हनुमानताल के चारों ओर जगह-जगह फेंसिंग (रेलिंग) तो कर दी गई है, लेकिन जहां सबसे अधिक जरूरत है, वहां पर अब तक कोई रेलिंग नहीं लगाई गई।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, तालाब के किनारे 6-7 ऐसे स्थान हैं, जहां सड़क के ठीक बगल में घाट खुले हुए हैं। इन जगहों पर किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार या रेलिंग नहीं है। ऐसे में कभी भी कोई वाहन या राहगीर गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
नागरिकों की मांग: कलेक्टर और नगर निगम करें तत्काल कार्रवाई
प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि जल्द से जल्द हनुमानताल के खतरनाक स्थानों पर रेलिंग लगवाई जाए। साथ ही, अन्य घाटों का भी निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
स्थानीय नागरिक का बयान:
"बार-बार चेतावनी देने के बाद भी प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। आज एक जान बची, कल किसी की न बचे, इसका खतरा बना हुआ है। जरूरत है कि तत्काल प्रभाव से खुले घाटों पर रेलिंग लगाई जाए।"
प्रशासन से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि इस घटना के बाद संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

