बिजली दुर्घटना: शोक संवेदनशीलता के बीच मुआवजे और सुरक्षा के ठोस आश्वासन - Bhaskar Crime

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बिजली दुर्घटना: शोक संवेदनशीलता के बीच मुआवजे और सुरक्षा के ठोस आश्वासन

 *बिजली दुर्घटना: शोक संवेदनशीलता के बीच मुआवजे और सुरक्षा के ठोस आश्वासन*

*संघ ने सुरक्षा व्यवस्थाओं, मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम पर गंभीर चर्चा की*

चीफ एडिटर जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आज अधीक्षण अभियंता (शहर संभाग) कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक का केंद्र बिंदु हाल ही में गोहलपुर में हुई दुखद बिजली दुर्घटना थी, जिसमें एक आउटसोर्स कर्मचारी की असमय मृत्यु हो गई। बैठक में प्रशासन और कर्मचारी संघ ने सुरक्षा व्यवस्थाओं, मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम पर गंभीर चर्चा की।

प्रशासन का आश्वासन: मुआवजा और आश्रित को रोजगार

अधीक्षण अभियंता श्री संजय अरोरा ने बैठक को संबोधित करते हुए इस घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली कंपनी अपने हर कर्मचारी, चाहे वह नियमित हो या आउटसोर्स, के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने पुष्टि की:

· तत्काल मुआवजा: मृतक आउटसोर्स कर्मचारी श्री रंजीत कोरी के परिवार को निर्धारित बीमा राशि और नियमानुसार अन्य सभी आर्थिक सहायता तत्परता से प्रदान की जाएगी।

· आश्रित को रोजगार: मृतक के आश्रित को आउटसोर्स व्यवस्था के तहत ही काम पर रखा जाएगा।

· सुरक्षा प्राथमिकता: तकनीकी कार्य करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी को वर्दी, सुरक्षा उपकरण और जोखिम भत्ते नियमानुसार दिए जा रहे हैं।

श्री अरोरा ने कहा, "मैं अपने कर्मचारियों से निरंतर संवाद में हूं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाता है।"

संघ की मांग: जांच, अनुकंपा नियुक्ति और बढ़ा बीमा

फेडरेशन के महामंत्री श्री राकेश डी. पी. पाठक ने श्री रंजीत कोरी की अकाल मृत्यु पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गहन दुख और क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाईं:

1. निष्पक्ष जांच: इस बिजली दुर्घटना की विस्तृत जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

2. उचित मुआवजा एवं अनुकंपा नियुक्ति: मृतक के परिवार को समुचित मुआवजा और नियमित अनुकंपा नियुक्ति (आउटसोर्स के बजाय) दी जाए।

3. बीमा राशि में वृद्धि: प्रत्येक तकनीकी आउटसोर्स कर्मी का कम से कम 20 लाख रुपये का बीमा कराया जाए।

बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता और सुरक्षा के सख्त निर्देश

राकेश डी. पी. पाठक ने बिजली कंपनियों में लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए प्रबंधन को कई अहम सुझाव दिए:

· प्रशिक्षित कर्मचारी ही करें काम: बिजली लाइनों और खंभों पर सुधार कार्य केवल आईटीआई पास प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही कराए जाएं।

· गुणवत्तापूर्ण उपकरण: तकनीकी कार्यों के लिए पूर्ण गुणवत्ता वाले समुचित उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

· सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए: यह सुनिश्चित किया जाए कि हर कर्मचारी पूरे सुरक्षा उपकरणों (PPE) के साथ और नियमों का पालन करते हुए कार्य कर रहा है।

· रिक्त पदों पर तैनाती: लाइन कर्मचारियों के रिक्त पदों पर शीघ्र आउटसोर्स व्यवस्था की जाए, जिससे अन्य कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ कम हो।

आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों पर जोर

श्री पाठक ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए भी कई मुद्दे उठाए:

· तकनीकी काम करने पर आउटसोर्स कर्मियों को जोखिम भत्ता दिया जाए।

· मनमाने ढंग से आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा से न निकाला जाए।

· वेतन निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से दिया जाए।

· अप्रशिक्षित कर्मचारियों से जोखिम भरा काम कराने पर संबंधित प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाए।

· आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी बीमा योजना लागू की जाए।

अन्य वक्ताओं और बैठक के समापन में मुद्दे

फेडरेशन के श्री यू. के. पाठक, संगठन मंत्री श्री दिनेश दुबे, क्षेत्रीय सचिव श्री उमाशंकर दुबे, राजेश मिश्रा, मोहित पटेल, योगेश पटेल, दीपक मेमने आदि ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सबस्टेशनों से संबंधित निम्न मांगें उठाईं:

· सब स्टेशनों में पर्याप्त स्टाफ की तैनाती हो।

· कर्मचारियों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए विधिवत प्रशिक्षण दिया जाए।

· सब स्टेशनों में सफाई, फर्नीचर, अग्निशमन (फायर) व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

· पेयजल के लिए वाटर फिल्टर की व्यवस्था की जाए।

बैठक में उपस्थित: अधीक्षण अभियंता श्री संजय अरोरा के अलावा अन्य सहायक अभियंता भी प्रशासन की ओर से मौजूद रहे। कुल मिलाकर, यह बैठक दुखद घटना के निवारण और भविष्य की सुरक्षा योजनाओं के लिए प्रतिबद्धता का प्रतीक रही।