नशा मुक्त मध्यप्रदेश अभियान में,33 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार - Bhaskar Crime

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नशा मुक्त मध्यप्रदेश अभियान में,33 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार

*नशा मुक्त मध्यप्रदेश अभियान:पुलिस को बड़ी सफलता, 33 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार*

चीफ एडिटर/ जबलपुर पुलिस ने नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने के अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 किलो 300 ग्राम गांजा (अनुमानित कीमत 16 लाख 65 हजार रुपये) के साथ एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से नकदी, मोबाइल और तस्करी में प्रयुक्त क्रेटा कार भी जब्त की है।

कार्रवाई की पृष्ठभूमि

जबलपुर के पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय ने जिले के सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों को मादक पदार्थों और अवैध शराब की तस्करी में लिप्त आरोपियों की सक्रियता से पतासाजी कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत अति. पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)  सूर्यकांत शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमति आकांक्षा उपाध्याय तथा उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) उदयभान बागरी के कुशल मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच और थाना बरेला की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई अमल में लाई।

गुप्त सूचना से हुआ खुलासा

थाना बरेला के प्रभारी श्री शुभम सिंह ठाकुर (परि. भा.पु.से.) को दिनांक 29/30 मई 2026 की रात को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि मंडला की ओर से एक सफेद रंग की हुंडई क्रेटा कार (MP 20 ZG 9299) में बड़ी मात्रा में अवैध गांजा लेकर एक व्यक्ति जबलपुर की ओर आ रहा है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर NDPS एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई।

नाकाबंदी और घेराबंदी

क्राइम ब्रांच और थाना बरेला की टीम ने शारदा मंदिर तिराहे के पास सघन नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर में मुखबिर द्वारा बताए गए नंबर की क्रेटा कार वहाँ पहुँची। पुलिस को देखते ही कार चालक ने तेज रफ्तार से भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क टीम ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया।

गिरफ्तार आरोपी और तलाशी

कार चालक ने अपनी पहचान बुलराजू पिता वैंकट राव (उम्र 57 वर्ष) के रूप में बताई। उसका मूल निवास कलवापल्ली, थाना चागलू, जिला पश्चिम गोदावरी, आंध्र प्रदेश है, जबकि वर्तमान में वह शास्त्री नगर मेडिकल कॉलेज, थाना तिलवारा क्षेत्र में रह रहा था।

पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जब आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके पास से:

· 2740 रुपये नकद· 2 मोबाइल फोन बरामद हुए।

कार में गांजा कैसे छिपाकर रखा था कार की तलाशी लेने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

· अंदर के हिस्से में: आधा-आधा किलो के कुल 10 पैकेट।

· बोनट (इंजन के ऊपर): 1-1 किलो के 27 पैकेट, कुल मिलाकर गांजे का वजन 33 किलो 300 ग्राम निकला।

इस गांजे की अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 16 लाख 65 हजार रुपये आंकी गई है।

आरोपी का नेटवर्क और तस्करी का तरीका

पूछताछ में आरोपी बुलराजू ने बताया कि:

· उसने उड़ीसा के टिटलागढ़ टाउन, बोलमगीर से एक अज्ञात व्यक्ति से मोबाइल के जरिए संपर्क कर यह गांजा खरीदा था।

· वह यह गांजा जबलपुर के शुभम सोनकर (निवासी भानतलैया) को बेचता था।

· वह पिछले 2009 से जबलपुर में रहकर यह अवैध धंधा कर रहा था और अकेले ही खुद गाड़ी चलाकर गांजा लाता-बेचता था।

· यह तस्कर मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में भी सप्लाई करता था।

· खास बात यह रही कि पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें पिछले एक साल से उसकी तलाश कर रही थीं, लेकिन वह हर बार हुलिया बदलकर चकमा दे जाता था।


जब्ती और विधिक कार्रवाई पुलिस ने आरोपी बुलराजू के कब्जे से:· 33 किलो 300 ग्राम गांजा· 2 मोबाइल फोन

· 2,740 रुपये नकद

· तस्करी में प्रयुक्त क्रेटा कार (MP 20 ZG 9299)

ये सभी माल जब्त कर लिए गए। आरोपी बुलराजू और उसके साथी शुभम सोनकर के खिलाफ थाना बरेला में अपराध क्रमांक 328/26 दर्ज कर NDPS एक्ट की धारा 8 और 20 के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी बुलराजू को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शुभम सोनकर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

उल्लेखनीय भूमिका

इस ऐतिहासिक सफलता में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही:

थाना बरेला टीम:· थाना प्रभारी श्री शुभम सिंह ठाकुर

· उप निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह उईके· उप निरीक्षक के.पी. झारिया· उप निरीक्षक मुनीम सिंह कुलस्ते उप निरीक्षक यादवेन्द्र गिरी· आरक्षक रवि शर्मा· आरक्षक प्रिंस कुमार

क्राइम ब्रांच टीम (अपराध थाना प्रभारी  शैलेष मिश्रा के निर्देशन में): उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह· सहायक उप निरीक्षक प्रशांत सोलंकी· प्रधान आरक्षक अटल जंघेला· आरक्षक राजेश मातरे

· आरक्षक विनय सिंह· आरक्षक राजेश मिश्रा

जबलपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री की सूचना हो, तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को अवगत कराएँ। नशा मुक्त मध्यप्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुलिस यह अभियान लगातार जारी रखेगी।