नौतपा का पहला दिन,चिलचिलाती धूप असर पारा 45 पहुंच सकता है - Bhaskar Crime

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नौतपा का पहला दिन,चिलचिलाती धूप असर पारा 45 पहुंच सकता है

*नौतपा का पहला दिन, मौसम विभाग की चतावनी

पारा 45 पहुंच सकता है*

*दिन में चिलचिलाती धूप और रात को भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है*

           मनोज विश्वकर्मा (सम्पादक)

 जबलपुर। गर्मियों के मौसम का सबसे कठिन दौर, नौतपा (Nautapa), आज 25 मई 2026 से शुरू हो गया है। इसके पहले ही दिन जबलपुर में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 11:30 बजे तक शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि झुलसाने वाली गर्म हवाओं और उमस के कारण महसूस किया जाने वाला तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

दोपहर 12:30 बजे तक ही तापमान में भारी उछाल आने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहेगा इस 13 डिग्री के बड़े अंतर का मतलब है कि दिन में चिलचिलाती धूप होगी, और रात को भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है।

 'नौतपा' क्या है और यह क्यों होता है?

'नौतपा' शब्द 'नौ' और 'तप' (गर्मी) से मिलकर बना है। इस साल यह 25 मई से 2 जून तक चलेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह दौर तब शुरू होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है।

· वैज्ञानिक कारण: वैज्ञानिक दृष्टि से, मई के अंत तक सूर्य की किरणें लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे ज़मीन तेज़ी से गर्म होती है। मानसून से पहले आसमान साफ रहता है और नमी कम होने के कारण लू (Loo) चलती है, जिससे तापमान और भी बढ़ जाता है।

· परंपरागत मान्यता: परंपरागत रूप से, नौतपा की तपिश जितनी तेज़ होती है, मानसून उतना ही अच्छा माना जाता है। इस दौरान सूर्य देव को जल चढ़ाने और जरूरतमंदों को पानी, सत्तू या छतरी दान करने का विशेष महत्व बताया गया है।

 लू और गर्म हवाओं का कहर

भीषण गर्मी का अहसास सिर्फ़ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। तेज़ गर्म हवाओं और सीधी धूप के कारण सड़कें और बाजार सूने नज़र आ रहे हैं।

· सुनसान सड़कें: चिलचिलाती धूप और लू ने शहर की सड़कों को 'तंदूर' बना दिया है। दोपहर के समय निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा है।

· गर्म हवाओं का असर: लोग धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए चेहरे और सिर को ढककर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

 'रेड अलर्ट' और स्वास्थ्य सलाह

भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है। मप्र के पांच जिलों - निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना - के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि जबलपुर सहित 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है।

डॉक्टरों ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

· सबसे खतरनाक समय: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। अगर बहुत ज़रूरी हो तो सिर व चेहरे को कपड़े या टोपी से ढक कर ही बाहर जाएं।

· पानी पीते रहें: भले ही प्यास न लगी हो, थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहें। पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए ओआरएस (ORS) या नींबू पानी पीना भी फायदेमंद है।

· कैसा हो खान-पान: तला-भुना, मिर्च-मसाले वाला खाना और अत्यधिक ठंडा पानी पीने से बचें। गर्मियों में इन चीज़ों से पाचन कमज़ोर पड़ सकता है और पेट खराब हो सकता है। इसके बजाय तरबूज, खीरा, सत्तू, छाछ या लस्सी जैसी ठंडी चीज़ें खाएं।

 लू से बचाव के ये 5 आसान उपाय (Public Health Advisory)

1. बाहर निकलने से बचें: खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 3-4 बजे के बीच。

2. कपड़े का चुनाव: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।

3. शरीर को ठंडा रखें: घर से बाहर निकलते समय सिर को ढकें और छाते का उपयोग करें।

4. धूप में निकलना जरूरी हो तो: पानी की बोतल जरूर साथ रखें और समय-समय पर छांव में आराम करें।

5. खास ध्यान रखें: बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखें। पालतू जानवरों को भी गाड़ी में अकेला न छोड़ें।

नौतपा के पहले दिन ही गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई तक यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इस भीषण गर्मी में अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें।