संस्कारधानी में मधुमय संगीत की यादगार शाम, कलाकारों ने बांधा समां - Bhaskar Crime

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संस्कारधानी में मधुमय संगीत की यादगार शाम, कलाकारों ने बांधा समां

*संस्कारधानी में मधुमय संगीत की यादगार शाम, कलाकारों ने बांधा समां*

विशेष रिपोर्टर जबलपुर (गोलबाजार): शहीद स्मारक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ गोलबाजार एवं 'Tune शिवरंजनी' संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य संगीत संध्या ने संस्कारधानी के श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। "एक शाम यादगार" के इस कार्यक्रम में जबलपुर के बेहतरीन गायकों व कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को गुलज़ार कर दिया।

 मुख्य आकर्षण:· डॉ. मीनाक्षी शर्मा 'तारिका' जी के सुरीले अंदाज़ ने सभी को आनंदविभोर कर दिया। उनके गीतों की श्रोताओं ने जमकर तारीफ की।

· अन्य प्रमुख कलाकारों में मधुमिता पाल, संजय चक्रवर्ती, ध्रुव मुद्गल, अनुज श्रीवास्तव, पूर्णिमा अग्रवाल, विजय जाटव, महेश कुमार, श्रीकांत सप्रे, श्रुति सप्रे, याशित श्रीवास्तव, डॉ. ललित श्रीवास्तव, प्रशांत सोनी, सारिका विश्वकर्मा व रितेश चंदेल शामिल रहे।

 सुपरहिट गीतों ने बजाया दिलों की स्ट्रिंग:

"हमारी अटरिया पे", "हाय राम", "घूंघट की आड़ से", "ये पर्बतों के दायरे", "गुलाबी आंखें", "बेखुदी में सनम", "आओ ना गले लगा", "जा रे जा ओ हरजाई", "ये कहाँ आ गए हम", "तुम मिले दिल खिले", "ड्रीम गर्ल", "सुनो कहो कहा सुना", "आ लग जा गले दिलरुबा" जैसे गीतों ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया।

 संगीन टीम ने जमाया रंग:

संगीत निर्देशक मनु, आनंद यादव, रमेश श्रीवास्तव, मलय श्रीवास्तव, लोकेश मालवीय, अनुराग, आशीष, शाज़ी, शुभम् ने बेहतरीन संगत से प्रस्तुतियों को और निखारा।

 गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति:

संस्कारधानी के साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा व कानून क्षेत्रों के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। विशेष अतिथि के रूप में पंकज शुक्ला जी व ब्राह्मण महासभा के सभी पदाधिकारी शामिल हुए।

 शानदार संचालन:‌ कार्यक्रम का सफल और आकर्षक संचालन डी. एन. सिंह जी ने किया।

पूरा कार्यक्रम संगीतमयी अविस्मरणीय शाम का गवाह बना, जहाँ डॉ. मीनाक्षी शर्मा 'तारिका' जी की प्रस्तुति विशेष रूप से सराही गई