*प्यार ने तोड़ी सलाखों और मज़हब की दीवार! महिला जेल अधिकारी ने पूर्व कैदी से रचाई शादी*
*अपराधी नहीं, इंसान से किया प्यार: सतना की जेल अधिकारी फिरोजा ने ठुकराई दुनिया की बंदिशें*
चीफ एडिटर सतना (मध्य प्रदेश) "मोहब्बत को ना मज़हब की दीवार रोक पाई, ना सलाखें।" सतना केंद्रीय जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने एक ऐसी शादी रचाकर सभी सामाजिक धारणाओं को तोड़ दिया है, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी। उन्होंने उम्रकैद की सजा काट चुके पूर्व कैदी धर्मेंद्र सिंह से हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे ले लिए।
कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी?
जब फिरोजा जेल में वारंट इंचार्ज थीं, तब धर्मेंद्र जेल के अंदर ही वारंट का काम संभालता था। ड्यूटी के दौरान दोस्ती बढ़ी, और दोस्ती प्यार में बदल गई। धर्मेंद्र ने लगभग 14 साल जेल में बिताए, लेकिन अच्छे आचरण के कारण उसे रिहा कर दिया गया। बीते 4 साल से बाहर था, तब जाकर दोनों ने शादी का फैसला किया।
कौन है धर्मेंद्र?
· मामला: 2007 में चंदला नगर परिषद के उपाध्यक्ष कृष्णदत्त दीक्षित हत्याकांड।
· सजा: उम्रकैद (करीब 14 साल जेल में रहा)।
· अब: रिहा होने के 4 साल बाद, फिरोजा के साथ नई जिंदगी के लिए बंधा।
जेल महकमे में चर्चा
इस अनोखी शादी ने पूरे जेल विभाग को चौंका दिया है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस जोड़े को ढेरों शुभकामनाएं दी हैं। कहा जा रहा है कि "जेल की चहारदीवारी के अंदर कानून संभालने वाली अधिकारी ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत और प्यार के आगे कोई मज़हब नहीं टिकता।"
मुख्य बातें एक नज़र में:
महिला अधिकारी फिरोजा खातून (रीवा निवासी) – सतना जेल में सहायक अधीक्षक
वर धर्मेंद्र सिंह (चंदला निवासी) – पूर्व कैदी (हत्या का मामला)
शादी की रस्म हिंदू वैदिक मंत्रोच्चार, छतरपुर के लवकुश नगर में
खास बात फिरोजा मुस्लिम, धर्मेंद्र हिंदू – दोनों ने धर्म से ऊपर प्यार को रखा
"इस शादी ने एक बार फिर कह दिया प्यार ही सबसे बड़ा धर्म है, और सच्ची मोहब्बत हर दीवार को ढहा सकती है।"