*श्रम संहिता से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का भविष्य असुरक्षित, इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजीवा रेड्डी*
*दिल्ली के श्रम भवन में हुई उच्चस्तरीय भेंट,मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रखी समस्याएं*
विशेष संवाददाता नई दिल्ली नई श्रम संहिता के कारण श्रमिकों, कामगारों और विशेषकर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का भविष्य गंभीर संकट में है। यह चेतावनी आल इंडिया इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. जी. संजीवा रेड्डी ने दी है। उन्होंने कहा कि नई संहिताओं से श्रमिकों की सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा कवच छिन रहा है।
मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन (जबलपुर) के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. रेड्डी से दिल्ली स्थित इंटक के राष्ट्रीय मुख्यालय ‘श्रम भवन’ में मुलाकात की। इस दौरान फेडरेशन ने बिजली कंपनियों में निजीकरण, संविदा प्रथा, आउटसोर्सिंग और पेंशनभोगियों की समस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख नेता
फेडरेशन की ओर से निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:
· राकेश डी. पी. पाठक (महामंत्री) एन. के. यादव,उमाशंकर मेहता,अफसार अहमद, गोपाल चौहान, रामेश्वर गांगे
इसके अलावा मध्यप्रदेश इंटक के उपाध्यक्ष रामराज्य तिवारी और सचिव नरेंद्र मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर बधाई
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. संजीवा रेड्डी को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय इंटक के पक्ष में दिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर हार्दिक बधाई दी। फेडरेशन के नेताओं ने कहा कि यह फैसला इंटक के लंबे संघर्ष और सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है।
फेडरेशन ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. रेड्डी को अवगत कराया कि मध्यप्रदेश विद्युत क्षेत्र में:
· नई श्रम संहिता से उत्पन्न अनिश्चितता
· निजीकरण की आशंका से कर्मचारियों में भय
· संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को नियमितीकरण में आ रही बाधाएं
· कंपनी कैडर एवं नियमित कर्मचारियों की नियुक्तियों व प्रोन्नति में जटिलताएं
· पेंशनर्स की स्थिति एवं सेवा लाभों में कटौती की आशंका
इन सब पर फेडरेशन लगातार संघर्ष कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व की स्थिति और वर्तमान में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
डॉ. संजीवा रेड्डी का मार्गदर्शन और चेतावनी
डॉ. रेड्डी ने प्रतिनिधिमंडल को आशीर्वाद देते हुए स्पष्ट कहा:
“श्रमिकों, कामगारों और विशेषकर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की बेहतरी के लिए श्रम संगठनों को और अधिक सुदृढ़ एवं सक्रियता के साथ काम करना होगा। नई श्रम संहिता लागू होने से इनका भविष्य असुरक्षित है।”
उन्होंने बताया कि इंटक संयुक्त मोर्चा के साथ मिलकर नई श्रम संहिता का पुरजोर और प्रभावी ढंग से विरोध कर रहा है।
अन्य राष्ट्रीय नेताओं से भी मुलाकात
फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर कई अन्य वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं से भी भेंट की, जिनमें शामिल हैं:
· श्री अशोक सिंह· श्री रामचन्द्र खूंटियां· श्री जी. सत्यजीत रेड्डी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)
· तथा बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के कई राष्ट्रीय नेता
इन मुलाकातों में राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक मुद्दों पर एकजुट रणनीति बनाने पर सहमति बनी।
आभार ज्ञापन;अंत में फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी. पी. पाठक ने डॉ. जी. संजीवा रेड्डी एवं समस्त इंटक राष्ट्रीय नेतृत्व का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
“इतना महत्वपूर्ण समय देने, मार्गदर्शन और आत्मीयता के लिए हम इंटक नेतृत्व के सदैव आभारी रहेंगे।”
फेडरेशन ने आश्वासन दिया कि वह श्रमिकों के हितों के लिए पहले से भी अधिक संगठित और आक्रामक रूप से संघर्ष करता रहेगा।
मुख्य चेतावनी नई श्रम संहिता से असंगठित क्षेत्र के मजदूर असुरक्षित
प्रमुख वक्ता डॉ. जी. संजीवा रेड्डी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंटक
आयोजन स्थल श्रम भवन, दिल्ली (इंटक मुख्यालय)
प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन, जबलपुर
मुख्य मुद्दे निजीकरण, संविदा प्रथा, पेंशन, आउटसोर्सिंग
अगली रणनीति संयुक्त मोर्चा के साथ श्रम संहिता का विरोध जारी