शादी की सालगिरह पर 'साहब' का तानाशाही फरमान बत्ती गुल होने पर पूरे गांव को दिया अंधेरे का 'रिटर्न गिफ्ट'
बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर की मनमानी ने मचाया हड़कंप, सैकड़ों परिवार उमस और अंधेरे में तड़पे
विशेष संवाददाता सतना, सत्ता और अधिकार के इस नशे में कुछ लोगों की हदें इतनी गिर जाती हैं कि वे आम जनता के साथ उनकी बुनियादी जरूरतों से खिलवाड़ करने में भी संकोच नहीं करते। ऐसा ही एक चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला मध्य प्रदेश के सतना जिले से सामने आया है, जहां बिजली विभाग के एक अधिकारी ने अपनी शादी की सालगिरह के जश्न में खलल डालने का बदला पूरे गांव की बिजली गुल करके लिया। 'साहब' की इस तुगलकी सोच के कारण सैकड़ों मासूम परिवार घंटों भीषण गर्मी और सियाह अंधेरे में सांस लेने को मजबूर हो गए। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया है और अब आरोपी जूनियर इंजीनियर (JE) व संबंधित ऑपरेटर पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
सालगिरह के केक कटने से पहले कटी बिजली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांसमिशन कंपनी के कंट्रोल रूम में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) जे.के. सिंह के आवास पर उनकी शादी की सालगिरह का भव्य आयोजन किया गया था। घर को रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया गया था, संगीत की धुनें गूंज रही थीं और परिवार के सदस्यों व दोस्तों का जमावड़ा लगा था। हर कोई जश्न के माहौल में डूबा हुआ था और केक कटने की घड़ी का इंतजार कर रहा था, तभी अचानक पूरे घर की बिजली गुल हो गई। अपनी ही कंपनी की इस 'गुस्ताखी' से जेई साहब इतने भड़क गए कि उन्होंने अपनी कुर्सी और ईगो का गलत इस्तेमाल करते हुए मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर दीं।
'साहब' का तुगलकी फरमान: पूरे गांव की बत्ती गुल
बिजली जाते ही नाराजगी के साथ-साथ जेई जे.के. सिंह के अंदर बदले की भावना पल भर में उबल पड़ी। उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल फोन पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को फोन मिलाया और सीधा फरमान सुना दिया कि "मेरे घर की लाइट गई है तो पूरे गांव की ही काट दो।" अफसर का यह सख्त आदेश पाते ही ऑपरेटर ने फीडर से बिजली की सप्लाई काट दी। नतीजा यह हुआ कि पूरा इलाका अचानक ब्लैकआउट हो गया। महज एक शख्स के निजी गुस्से की वजह से सैकड़ों घरों में रोशनी चली गई, पंखे बंद हो गए, मरीज तड़पने लगे, छोटे-छोटे बच्चे उमस और पसीने से तरबतर हो गए और ग्रामीण घंटों अंधेरे में जीने को मजबूर हो गए।
'साहब' के इस कदम से ग्रामीणों में आक्रोश
बिजली कटौती से परेशान लोग घरों से बाहर निकले और जब उन्हें पता चला कि बिजली गुल होने की वजह महज एक अफसर का निजी गुस्सा है, तो उनमें भारी आक्रोश पैदा हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि इस गर्मी में बिजली न होना किसी आफत से कम नहीं है। "हम सब तपती धूप में काम करके थके-हारे आते हैं, रात को नींद की जरूरत होती है, लेकिन एक अफसर के ईगो की भेंट हमारी रात कुर्बान कर दी गई," एक स्थानीय ने गुस्से से कहा।
यह पहली बार नहीं, पहले भी हो चुकी है ऐसी हरकतें
बताया जा रहा है कि जूनियर इंजीनियर जे.के. सिंह का यह कोई पहला कारनामा नहीं है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी वह कई बार छोटी-छोटी बातों पर अपनी हठधर्मी और तानाशाही दिखाते हुए आम जनता को परेशान कर चुके हैं। हालांकि, हर बार उन्हें हल्की फटकार या अनदेखी का सहारा मिल गया, लेकिन इस बार उनका आत्मघाती 'ईगो ट्रिप' उन्हें भारी पड़ता नजर आ रहा है क्योंकि मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया है।
कार्यपालन अभियंता (EE) ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जब यह पूरा मामला बिजली कंपनी के उच्चाधिकारियों के कानों तक पहुंचा, तो महकमे में हड़कंप मच गया। इस घटना को पद का दुरुपयोग और घोर लापरवाही करार देते हुए कार्यपालन अभियंता (EE) ने मामले की गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने तुरंत आरोपी जेई जे.के. सिंह और संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। EE ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की सुविधा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
प्रशासनिक हलकों में भी नाराजगी
इस मामले ने न केवल बिजली विभाग बल्कि पूरे प्रशासनिक हलकों में भी नाराजगी पैदा कर दी है। अधिकारियों की मनमानी और तानाशाही के इस किस्से ने आम जनता के बीच सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता को गहरा धक्का पहुंचाया है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में किसी भी अधिकारी की हिम्मत न हो कि वह अपनी निजी खफगी की भेंट आम जनता की बुनियादी जरूरतों को चढ़ाए।