"ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर हत्या करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार" - Bhaskar Crime

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"ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर हत्या करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार"

 "ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर हत्या करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार"

 मामूली बहस, खूनी अंजाम: पिता-बेटे ने मिलकर युवक को चाकू से काटा, रास्ते में तोड़ा दम

· पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सुलझाई वारदात, दबिश के दौरान दोनों आरोपी धराए

· कटनी के मंगल नगर में दहशत, 41 साल के पिता और 19 साल के बेटे ने किया कत्ल

चीफ एडिटर कटनी (MP) एक छोटी-सी बहस ने मंगल नगर के एक परिवार का चिर-परिचित सुकून हमेशा के लिए छीन लिया। शनिवार (28 जून) को मोहल्ले में हुए एक तुच्छ झगड़े ने ऐसा भयानक रूप लिया कि 41 वर्षीय एक पिता ने अपने 19 साल के बेटे के साथ मिलकर एक युवक पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, मगर कटनी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस संवेदनशील मामले को सुलझा लिया

थाना रंगनाथ नगर में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, फरियादी संतोष गोड़ (उम्र 39) ने बताया कि वह अपने भाई कन्हैया गोड़ के साथ मंगल नगर में रहते हैं। घटना वाले दिन पड़ोसी रमेश यादव और उसके बेटे रितेश यादव के साथ किसी मामूली बात पर बहस छिड़ गई। देखते ही देखते यह बहस गाली-गलौज में बदली और फिर आरोपियों ने जान से मारने की गर्जना के साथ कन्हैया पर चाकू से इतने वार किए कि वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा।

आस-पास के लोगों के शोर मचाने पर आरोपी वहां से फरार हो गए, लेकिन तब तक कन्हैया की हालत काफी नाजुक हो चुकी थी।

जबलपुर जाते समय ली अंतिम सांस

घायल अवस्था में कन्हैया को तुरंत जिला अस्पताल कटनी पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उच्च इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया। परंतु, नियति को कुछ और ही मंजूर था। जबलपुर ले जाते समय रास्ते में ही कन्हैया गोड़ ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर जैसे ही मंगल नगर पहुंची, पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। कन्हैया के परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।

पुलिस की कार्रवाई: नसीहत बनीं 'पिता-बेटा' की गिरफ्तारी

इस वारदात को लेकर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में रंगनाथ नगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह ने अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कीं। पुलिस को आशंका थी कि चूंकि वारदात इतनी संगीन है, इसलिए आरोपी जल्दबाजी में बाहर जिले की ओर भाग सकते हैं।

 सर्विलांस लगाया गया: पुलिस ने मुखबिरों के जाल और तकनीकी निगरानी के आधार पर दोनों के संभावित ठिकानों पर दबिश देनी शुरू की।

· धर-पकड़: कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने रमेश यादव और उसके बेटे रितेश को उनके एक रिश्तेदार के घर से दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय दोनों पर हत्या का गुरूर झलक रहा था, मगर पुलिस सख्ती से पेश आई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

· रमेश यादव (पिता स्व. उमेश यादव), उम्र 41 वर्ष (पेशा अज्ञात, पूर्व में भी एक जमीनी विवाद में नाम रहा है)

· रितेश यादव (पिता रमेश यादव), उम्र 19 वर्ष (बताते हैं कि रितेश ने पढ़ाई छोड़ दी थी और अक्सर मोहल्ले में झगड़ों में शामिल रहता था)

दोनों आरोपी रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंगल नगर के ही स्थायी निवासी हैं।

मोहल्ले वालों ने क्या कहा?

स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से कोई जमीनी विवाद या पुरानी दुश्मनी नहीं थी। यह घटना महज कुछ घंटों पहले हुई किसी फालतू बात को लेकर शुरू हुई थी, जो देखते-ही-देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। एक स्थानीय ने बताया- "हमने कभी सोचा नहीं था कि रमेश अपने बेटे को लेकर इतना बड़ा कदम उठा लेगा। अब उसका 19 साल का बेटा जेल में सड़ेगा, और रमेश खुद भी उम्रकैद का सामना करेगा। छोटी-सी बात ने दो परिवारों को बर्बाद कर दिया।"

अब आगे क्या

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस हत्या में प्रयुक्त चाकू और अन्य साक्ष्यों की तलाश में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गुस्सा और हिंसा किसी भी इंसान को पशु बना देती है, और मामूली बहस भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।

पुलिस ने शहरवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है तथा कहा है कि किसी भी प्रकार के विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए।