*मुस्लिम युवक ने 'राजकुमार' बनकर रचाई शादी, फर्जी आधार से हिंदू युवतियों को बनाया शिकार*
*इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जबलपुर में भी बांग्लादेशी घुसपैठिए छिपे हैं*
*पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई,बांग्लादेशी होने का संदेह और 'लव जिहाद' का मुद्दा*
*मुस्लिम युवक ने हिन्दू बनकर की शादी इस घटना से बड़ा सवाल जबलपुर में भी बांग्लादेशी घुसपैठिए छिपे हैं*
चीफ एडिटर जबलपुर | मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। एक मुस्लिम युवक ने अपनी पहचान छिपाकर हिंदू नाम 'राजकुमार' अपनाया, एक डेंटल क्लीनिक में नौकरी हासिल की, और कई हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनसे शादी रचाने का आरोप लगा है। यह पूरा मामला शनिवार को तब उजागर हुआ, जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मदन महल थाना क्षेत्र के 'डेंटल स्क्वायर' क्लीनिक में जमकर हंगामा किया।
आरोपी कौन है और क्या है पूरा मामला?
आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी सैयद इशाक असरार के रूप में हुई है। वह क्लीनिक में डेंटिस्ट के पद पर कार्यरत था, लेकिन अपनी असली पहचान छिपाकर वह 'राजकुमार' नाम से जाना जाता था। क्लीनिक के संचालक डॉ. साकेत अग्रवाल ने उसे नौकरी पर रखा था।
शिकायतकर्ता, जो स्वयं भी एक डेंटिस्ट है, ने पुलिस को बताया कि आरोपी पहले हैदराबाद में रहता था, जहाँ उसकी एक हिंदू युवती से दोस्ती हुई। इसके बाद वह कोलकाता गया, जहाँ उसकी मुलाकात वर्तमान पीड़िता से हुई और दोनों साथ रहने लगे। बाद में दोनों जबलपुर आए, जहाँ आरोपी ने गायत्री मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का दावा किया। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि आरोपी इस कथित विवाह का कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार अपने आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज अपडेट कराए। आरोप है कि उसने अलग-अलग नामों से फर्जी पहचान पत्र बनवाए और इसी तरह तीन हिंदू युवतियों को अपने झांसे में लिया। पीड़िता को शादी के करीब दो साल बाद पता चला कि उसका पति असल में मुस्लिम है और उसने अपनी पहचान छिपाई थी।
हिंदू संगठनों का प्रदर्शन और हंगामा
मामले की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता क्लीनिक पहुंच गए। उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और क्लीनिक संचालक पर बिना दस्तावेजों की पूरी जांच किए आरोपी को नौकरी देने का आरोप लगाया। बाद में पीड़िता और क्लीनिक संचालक मदन महल थाने पहुंचे, जहाँ कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसके सभी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मामला संवेदनशील है और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान आरोपी के पास से विदेशी मुद्रा मिलने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने 'राजकुमार' नाम से आधार कार्ड कैसे बनवाया।
बांग्लादेशी होने का संदेह और 'लव जिहाद' का मुद्दा
"इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जबलपुर में भी बांग्लादेशी घुसपैठिए छिपे हैं" आरोपी के पश्चिम बंगाल निवासी होने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल ने इस आशंका को और बल दिया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह 'लव जिहाद' का एक स्पष्ट मामला है, जहाँ धार्मिक पहचान छिपाकर हिंदू लड़कियों को शादी के झांसे में फंसाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वह सभी पहलुओं पर निष्पक्ष जांच कर रही है और तभी कोई निष्कर्ष निकालेगी।
फिलहाल, पूरा मामला जांच के दायरे में है और आने वाले दिनों में इसके कई और पहलू सामने आ सकते हैं।
