जबलपुर पुलिस का बड़ा कारनामा: 25 लाख के 139 गुम मोबाइल ट्रेस कर मालिकों को लौटाए
जबलपुर पुलिस ने नागरिकों को सतर्क करते हुए विशेष सुरक्षा उपाय बताए हैं
चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज/ जबलपुर, 13 जुलाई 2026 – जबलपुर पुलिस ने एक अनुकरणीय कार्य करते हुए 139 खोए हुए मोबाइल फोनों को सफलतापूर्वक ट्रेस किया और उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुँचाया। इन फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर नकेल कसने और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की पुलिस की मुहिम का हिस्सा है।
कैसे हुई यह बड़ी कामयाबी?
यह पूरी कार्रवाई CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से संभव हुई। यह एक केंद्रीय ऑनलाइन प्रणाली है, जो चोरी या गुम हुए मोबाइलों की IMEI संख्या के आधार पर उन्हें ट्रैक करती है और उन्हें अन्य नेटवर्क पर ब्लॉक कर देती है, जिससे वे बेकार हो जाते हैं। पुलिस ने इसी तकनीक का इस्तेमाल कर सभी 139 फोन ढूंढ निकाले।
पुलिस अधिकारियों के निर्देश और मार्गदर्शन
यह अभियान पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के आदेशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में चलाया गया। दोनों अधिकारियों ने इस मुहिम को सफल बनाने के लिए टीम को प्रोत्साहित किया और नागरिकों से भी सहयोग की अपील की।
पुलिस अधीक्षक का नागरिकों के लिए खास संदेश
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने जनता से कई महत्वपूर्ण अपीलें कीं। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल करके ही हम साइबर अपराधों को रोक सकते हैं। उनके मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
· मोबाइल गुम होने पर तुरंत ये करें: यदि आपका मोबाइल फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और साथ ही www.ceir.gov.in पोर्टल पर उसकी पंजीकरण कराएं। इससे फोन ट्रेस करना बहुत आसान हो जाता है।
· साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें ये काम: अगर आप किसी साइबर ठगी के शिकार होते हैं या कोई संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि दिखे, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.ceir.gov.in वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें। आप जबलपुर साइबर सेल की हेल्पलाइन 7701050010 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
साइबर अपराधों से बचने के लिए पुलिस की सलाह (गोल्डन टिप्स)
जबलपुर पुलिस ने नागरिकों को सतर्क करते हुए विशेष सुरक्षा उपाय बताए हैं। इन्हें ध्यान में रखकर आप साइबर ठगों का शिकार बनने से बच सकते हैं:
· अजनबियों से न लें निवेश टिप्स: किसी अनजान व्यक्ति या टेलीग्राम/व्हाट्सएप ग्रुप से आए शेयर, क्रिप्टो या अन्य निवेश संबंधी सुझावों पर कभी भरोसा न करें। ये अक्सर फर्जी होते हैं।
· APK फाइल डाउनलोड करने से बचें: व्हाट्सएप या किसी अन्य मैसेजिंग ऐप पर मिली किसी भी अनजान .apk फाइल को कभी भी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। इससे आपके फोन की पूरी जानकारी हैक हो सकती है।
· बैंक की जानकारी कभी साझा न करें: बैंक खाते, पासवर्ड, OTP, क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल्स किसी भी लालच (जैसे—गेमिंग का कमीशन, व्यापार बढ़ाने का ऑफर, फर्जी नौकरी, फ्री रिचार्ज आदि) में आकर किसी से भी साझा न करें। साइबर ठग इन्हीं लालच का फायदा उठाते हैं।
पुलिस का मूल मंत्र:
"सतर्क रहें, सजग रहें, सुरक्षित रहें"
महत्वपूर्ण सूचना (हेल्पलाइन नंबर)
अगर आपके साथ कोई साइबर अपराध होता है या आपको किसी प्रकार का ऑनलाइन खतरा महसूस हो, तो तुरंत नीचे दिए गए माध्यमों से संपर्क करें:
· राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930
· जबलपुर साइबर सेल हेल्पलाइन: 7701050010
· ऑनलाइन शिकायत वेबसाइट: www.ceir.gov.in
जबलपुर पुलिस की यह पहल न सिर्फ लोगों के लाखों रुपये बचाने का काम कर रही है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अगर सही प्रक्रिया अपनाई जाए तो खोया हुआ सामान भी वापस पाया जा सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि आने वाले समय में ऐसे और भी मामलों में त्वरित कार्रवाई हो सके।