हेलमेट-सीट बेल्ट चेकिंग का पूरा सिस्टम बदला, अब एसीपी खुद संभालेंगे कमान - Bhaskar Crime

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हेलमेट-सीट बेल्ट चेकिंग का पूरा सिस्टम बदला, अब एसीपी खुद संभालेंगे कमान

*हेलमेट-सीट बेल्ट चेकिंग का पूरा सिस्टम बदला, अब एसीपी खुद संभालेंगे कमान*

विशेष रिपोर्टर भोपाल। सड़क सुरक्षा को लेकर भोपाल पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। अब शहर में हेलमेट और सीट बेल्ट चेकिंग का पुराना तरीका पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें थाना-स्तर पर बिखरी हुई चेकिंग की जगह अब एक संगठित और केंद्रित अभियान चलेगा।

क्या बदला नई व्यवस्था की मुख्य बातें

· अब थानेवार चेकिंग नहीं होगी  पहले हर थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर चेकिंग अभियान चलाया जाता था, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

· हर एसीपी संभाग में एक मुख्य चेकिंग प्वाइंट – प्रत्येक एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) के संभाग में एक प्रमुख चौराहा या स्थान चिह्नित किया जाएगा, जहाँ केंद्रित कार्रवाई होगी।

· एसीपी खुद मौके पर रहेंगे – पहली बार एसीपी स्तर के अधिकारी स्वयं चेकिंग प्वाइंट पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी करेंगे और टीम को दिशा-निर्देश देंगे।

· तीन थानों का संयुक्त बल – अब एक चेकिंग प्वाइंट पर तीन आसपास के थानों की पुलिस और ट्रैफिक स्टाफ एक साथ तैनात रहेगा। इससे स्टाफ की संख्या बढ़ेगी और कार्रवाई अधिक प्रभावी होगी।

· दोनों लेन पर एक साथ चेकिंग – पहले अक्सर वाहन चालक एक तरफ से आते हुए पुलिस देखकर यू-टर्न लेकर बच निकलते थे। अब दोनों दिशाओं (दोनों लेन) पर एक साथ चेकिंग की जाएगी, जिससे बचने का कोई रास्ता नहीं रहेगा।

क्या होगी कार्रवाई?

· बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट पाए जाने पर तुरंत ई-चालान काटा जाएगा।

· इसके साथ ही, चालकों को सड़क सुरक्षा के नियमों की विस्तृत समझाइश भी दी जाएगी – ताकि वे सिर्फ जुर्माने से नहीं, बल्कि जान की हानि के खतरे को समझ सकें।

· अभियान के तहत दो-पहिया वाहनों पर तीन सवारी, गलत दिशा में ड्राइविंग और शराब पीकर वाहन चलाने पर भी नजर रखी जाएगी।

क्यों लागू की गई नई व्यवस्था?

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में भोपाल में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने के कारण हुई हैं। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों और मौतों की संख्या में कमी लाना है।

पुलिस कमिश्नर ने इस अभियान को लेकर स्पष्ट कहा –

"हमारा मकसद सिर्फ चालान वसूलना नहीं है। हम लोगों की जान बचाना चाहते हैं और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना चाहते हैं। यह व्यवस्था बदलाव इसी सोच का हिस्सा है। हर चालक यह समझे कि उसकी एक लापरवाही किसी परिवार की दुनिया उजाड़ सकती है।"

शहर के सभी एसीपी को अपने-अपने संभागों में चेकिंग प्वाइंट चिह्नित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अगले 48 घंटों में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी। साथ ही, पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगी, ताकि लोग नियमों को स्वेच्छा से अपनाएँ।

भोपाल में अब हेलमेट और सीट बेल्ट चेकिंग केवल चालान काटने का माध्यम नहीं, बल्कि एक गंभीर सड़क सुरक्षा अभियान बन गया है – जिसकी कमान खुद एसीपी संभालेंगे, और तीन थानों की संयुक्त टीम दोनों लेन पर एक साथ कार्रवाई करेगी। बचने की कोई गुंजाइश नहीं, और न ही कोई रियायत।