शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, चुराई हुई सैंट्रो कार एवं जूपीटर वाहन जप्त - Bhaskar Crime

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शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, चुराई हुई सैंट्रो कार एवं जूपीटर वाहन जप्त

*शातिर वाहन चोर गिरफ्तार,चुराई हुई सैंट्रो कार एवं जूपीटर वाहन जप्त*

 मुखबिर की सूचना पर चोर-पुलिस की भिड़ंत, दो वाहनों समेत शातिर गिरफ्तार

लार्डगंज पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझाई चोरी की वारदात, आरोपी के खिलाफ 14 पुराने मामले दर्ज

चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। शहर के बीचों-बीच एक चौंकाने वाली वाहन चोरी की घटना ने पुलिस की चुस्ती और खुफिया तंत्र की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया। थाना लार्डगंज पुलिस ने विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर एक आदतन शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई सैंट्रो कार और एक जूपिटर स्कूटी बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों पर की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की रणनीतिक योजना और जमीनी टीम की सूझबूझ साफ झलकी।

 घटना की शुरुआत: बियर खरीदने गया, लौटा तो कार गायब

दिनांक 12 जुलाई 2026 की सुबह रानीताल धोबीघाट की ओर से आगा चौक जा रहे संजय राहुल जैन (उम्र 54, निवासी कमानिया गेट, कोतवाली) ने उजारपुरवा स्थित एक शराब की दुकान (कलारी) पर अपनी सफेद सैंट्रो कार (MP-15-CA-7087) खड़ी की। जल्दबाजी में उन्होंने कार की चाबी अन्दर ही छोड़ दी। कुछ ही मिनटों में बियर लेकर लौटे तो सामने का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए – कार रहस्यमय ढंग से गायब थी। तुरंत उन्होंने लार्डगंज थाने में अज्ञात चोर के खिलाफ धारा 303(2) BNS के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई (अपराध क्रमांक 529/26)।

 पुलिस की सटीक रणनीति: एसपी से लेकर कांस्टेबल तक एकजुट

घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक  सम्पत उपाध्याय (IPS) ने त्वरित गिरफ्तारी के आदेश दिए। उनके निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  आयुष जाखड़ (IPS) और नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली  रीतेश कुमार शिव ने संयुक्त मोर्चा बनाया। थाना प्रभारी लार्डगंज नवल आर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सहायक उप निरीक्षक राजेश वर्मा, मनोज गोस्वामी, तथा आरक्षक पंकज, शुभम और आदर्श को शामिल किया गया।

 मुखबिर से मिली जानकारी ने पलटी बाजी

टीम ने सबसे पहले आसपास के इलाकों में पतासाजी शुरू की और अपने विश्वसनीय मुखबिरों की नेटवर्क को सक्रिय किया। करीब 12 घंटे बाद एक गुप्त सूत्र से क्लू मिला – “जीरो डिग्री के पास एक संदिग्ध युवक चोरी हुई सैंट्रो कार में बैठा दिखा है।”

बिना समय गंवाए, पुलिस टीम ने जीरो डिग्री इलाके में छापा मारा। वहां खड़ी सैंट्रो कार में बैठे युवक ने अपना परिचय समीर डुमार (उम्र 24, मूल निवासी उजारपुरवा, वर्तमान पता: चांदमारी तलैया, कांचघर घमापुर) के रूप में बताया। पूछताछ में उसने कार चोरी करना स्वीकार कर लिया।

 खुलासा: चोरी सिर्फ एक नहीं, दो वाहनों तक पहुंचा खेल

पूछताछ के दौरान आरोपी बेहद चालाकी से अपनी बात छिपा रहा था, लेकिन पुलिस की कड़ी और तार्किक पूछताछ के आगे वह टिक नहीं पाया। उसने एक और चौंकाने वाला राज उगला – कुछ दिनों पहले उसने गोराबाजार क्षेत्र से एक जूपिटर वाहन चोरी किया था, जिसे उसने अपने उजारपुरवा स्थित घर में छिपाकर रखा था।

पुलिस ने आरोपी को लेकर उसके घर दबिश दी, जहां से जूपिटर वाहन बरामद हुआ। पुष्टि पर पता चला कि गोराबाजार थाने में इसके लिए पहले से ही अपराध क्रमांक 151/26 दर्ज था। इस तरह, एक ही मुखबिर की सूचना ने दो अलग-अलग थानों की दो चोरी की वारदातों को बेनकाब कर दिया।

 आरोपी का काला इतिहास: 14 पुराने अपराध और 3 स्थाई वारंट

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ – समीर डुमार कोई साधारण चोर नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले भी लार्डगंज थाना क्षेत्र में 14 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें चोरी, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर धाराएँ शामिल थीं। इसके अलावा, लार्डगंज थाने में उसके खिलाफ 3 स्थाई न्यायिक वारंट भी लंबित थे, जो उसे लंबे समय से पुलिस की नज़रों से बचाते आ रहे थे।

 कोर्ट में पेशी और जेल भेजा गया आरोपी

पुलिस ने आरोपी समीर को लार्डगंज थाना के अपराध क्रमांक 529/26 तथा तीनों स्थाई वारंटों पर गिरफ्तार करते हुए माननीय न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया, जहाँ वह अब अपने पुराने और नए अपराधों के लिए सजा का इंतज़ार कर रहा है।

 सराहनीय भूमिका: इन अधिकारियों ने की बेहतरीन कार्रवाई

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लार्डगंज  नवल आर्य के कुशल नेतृत्व की सराहना की गई।

  ने अथक परिश्रम और सूझबूझ का परिचय दिया। इनकी बदौलत ही दो चोरी के वाहन बरामद हो सके और शहर को एक शातिर अपराधी से मुक्ति मिली।

 खुफिया तंत्र की सफलता ने बढ़ाई पुलिस की विश्वसनीयता

इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया है कि सही समय पर मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचना, वरिष्ठ अधिकारियों की सतर्कता, और जमीनी टीम की सक्रियता मिलकर किसी भी बड़ी घटना को कुछ ही घंटों में सुलझा सकती है। जबलपुर पुलिस की इस सफलता से शहरवासियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वास बढ़ा है।