नगर निगम के बाजार विभाग ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल किया
निगमायुक्त का एक्शन पर राजस्व वसूली एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज
चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। नगर निगम के बाजार विभाग ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राजस्व वसूली के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभाग ने नया बाजार स्थित निगम स्वामित्व की दो प्रमुख दुकानों का बकाया प्रीमियम एक साथ वसूल कर विभागीय इतिहास में अपने नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के कुशल निर्देशन और उपायुक्त श्रीमती अंकिता जैन तथा बाजार अधीक्षक राजेन्द्र दुबे के अथक प्रयासों से संभव हो पाई।
दरअसल, नया बाजार के अंडर में आने वाली दुकान संख्या 32 और 33 लंबे समय से प्रीमियम राशि के भुगतान को लेकर विवादों में घिरी हुई थीं। इन दुकानों पर कई वर्षों से बड़ी राशि बकाया चल रही थी, जिससे निगम को राजस्व हानि हो रही थी। इसी को देखते हुए निगमायुक्त ने इस मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिना किसी ढिलाई के पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाए। इसके बाद उपायुक्त श्रीमती अंकिता जैन ने व्यापारियों के साथ लगातार बैठकें कीं, उन्हें कानूनी पहलुओं से अवगत कराया और वैकल्पिक समाधानों पर चर्चा करते हुए उन्हें एकमुश्त भुगतान के लिए राजी किया।
अंततः दोनों व्यापारियों ने निगम की इस पहल का सकारात्मक जवाब देते हुए कुल 82 लाख 51 हजार 9 सौ 34 रुपये (₹82,51,934) की विशाल राशि के चेक निगम कोष में जमा कर दिए। यह राशि इतनी बड़ी है कि बाजार विभाग के स्थापना काल से आज तक कभी भी एक साथ इतना बड़ा प्रीमियम भुगतान नहीं हुआ था। चेक जमा होते ही विभाग ने तत्काल प्रक्रिया पूरी करते हुए व्यापारियों को विधिवत रसीदें जारी कर दीं, जिससे पूरी कार्यवाही पारदर्शी और प्रमाणिक बन सकी।
इस सफलता पर उपायुक्त श्रीमती अंकिता जैन ने कहा कि यह केवल आर्थिक वसूली नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ व्यापारियों के साथ संवाद करे, तो जटिल से जटिल मामले भी सुलझ सकते हैं। बाजार अधीक्षक राजेन्द्र दुबे ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में विभागीय टीम ने बेहतरीन समन्वय दिखाया और कागजी कार्यों को समय पर पूरा करते हुए व्यापारियों को कोई परेशानी नहीं होने दी।
विशेष बात यह रही कि इस वसूली ने न केवल निगम के खजाने को मजबूती प्रदान की है, बल्कि अन्य दुकानदारों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश गया है कि नियमों का पालन करने पर प्रशासन हर संभव सहायता प्रदान करता है। निगमायुक्त श्री अहिरवार ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदर्शित करता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और व्यवस्थित दृष्टिकोण से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे भी इसी तरह अन्य लंबित मामलों का त्वरित एवं न्यायसंगत निपटारा किया जाएगा, ताकि निगम की राजस्व स्थिति और अधिक मजबूत हो सके। इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने पूरे बाजार विभाग में उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है और अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ा है।
