नशामुक्ति अभियान में संगठन के कार्यकर्ताओं ने अवैध शराब के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा - Bhaskar Crime

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नशामुक्ति अभियान में संगठन के कार्यकर्ताओं ने अवैध शराब के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा

नशामुक्ति अभियान पर संकट: अधिकारियों की लापरवाही से पनप रहा अवैध शराब का कारोबार, 

*दमोह कलेक्टर की सख्ती के बाद जबलपुर में भी उठे सवाल*

*भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने अवैध शराब के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा*

चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर/दमोह, 19 जुलाई 2026 (रविवार):मध्यप्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी 'नशा से दूरी है जरूरी' अभियान के बीच जबलपुर जिले में अवैध शराब सप्लाई का एक बड़ा मामला सामने आया है। भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने रविवार को पनागर थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पास से 224 पाव (लगभग 22.4 लीटर) अवैध शराब के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा। यह घटना उस समय हुई जब पूरे प्रदेश में नशा उन्मूलन को लेकर सरकारी मुहिम तेज है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके उलट शराब माफिया बेखौफ होकर अपना धंधा कर रहे हैं।

पूरी घटना का क्रम:

संगठन के सदस्यों ने सूचना मिलने पर पनागर बस स्टैंड के पास नाकाबंस्ती की। इस दौरान एक हीरो बाइक (नंबर MP20NB4404) पर सवार दो व्यक्तियों को संदिग्ध अवस्था में रोका गया। तलाशी में उनके पास से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। आरोपियों ने अपनी पहचान तुलाराम तिवारी और गोलू जायसवाल के रूप में बताई। पूछताछ में तुलाराम ने खुलासा किया कि यह शराब जबलपुर जिले की एक लाइसेंसी दुकान से ली गई है और इसे देवरी गांव में अवैध रूप से आपूर्ति के लिए ले जाया जा रहा था।

बड़ा खुलासा:

तुलाराम तिवारी ने यह भी बताया कि यह महज एक मामला नहीं है, बल्कि जबलपुर जिले की कई शराब दुकानों से ग्रामीण क्षेत्रों में इसी तरह अवैध सप्लाई नियमित रूप से हो रही है। दुकान संचालक कानूनी आदेशों की अवहेलना करते हुए गांव-गांव शराब पहुंचा रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी नशामुक्ति अभियान को अधिकारियों ने प्रभावी रूप से लागू नहीं किया, जिससे अवैध कारोबारियों को हौसला मिल रहा है।

दमोह की मिसाल:

गौरतलब है कि पड़ोसी जिले दमोह में कलेक्टर ने हाल ही में अवैध सप्लाई की शिकायतों पर गंभीरता दिखाते हुए 6 शराब दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए थे। इस कार्रवाई का व्यापक असर हुआ और अवैध कारोबार पर अंकुश लगने की खबरें आईं

संगठन की मांग:

भगवती मानव कल्याण संगठन के पदाधिकारियों ने जबलपुर कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह से निवेदन किया है कि वे दमोह की तर्ज पर जबलपुर जिले में भी सख्त कार्रवाई करें। संगठन का कहना है कि अगर लाइसेंसधारी दुकानों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए गए, तो ही अवैध सप्लाई पर पूर्ण रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन करेंगे

प्रशासनिक पहलू:

फिलहाल पनागर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शराब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस का कहना है कि आपूर्ति की श्रृंखला की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक किसी लाइसेंसी दुकान पर कोई सीधी कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच, जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है

स्थानीय प्रतिक्रिया:

पनागर और आसपास के ग्रामीणों ने राहत व्यक्त की है, लेकिन साथ ही आशंका भी जताई है कि ये तस्कर प्रशासन की पकड़ में आसानी से नहीं आते। ग्रामीणों के अनुसार, अवैध शराब के कारण युवाओं में बढ़ती लत चिंता का विषय है

यह घटना प्रदेश के नशामुक्ति अभियान की गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है। जहां एक ओर सरकार जनजागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की निष्क्रियता अवैध कारोबारियों को बढ़ावा दे रही है। अब सभी की निगाहें जबलपुर कलेक्टर के फैसले पर टिकी हैं, कि क्या वे दमोह की तरह सख्त रुख अपनाते हैं या फिर यह मामला सामान्य कार्रवाई तक सीमित रह जाता है।