जगदीशपुर में ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक : हरित पहल के साथ विकास की नई इबारत
वरिष्ठ अधिकारियों ने एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए इलेक्ट्रिक बसों को अपना सवारी माध्यम बनाया।
चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज जगदीशपुर (मध्य प्रदेश)। आज मध्य प्रदेश के शासन-प्रशासन के इतिहास में एक अनोखा अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जगदीशपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक ने न केवल प्रशासनिक महत्व को रेखांकित किया, बल्कि पर्यावरण के प्रति सरकार की गंभीरता को भी सिद्ध किया। इस बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए इलेक्ट्रिक बसों को अपना सवारी माध्यम बनाया।
इलेक्ट्रिक बसों से पहुंचे अधिकारी, पर्यावरण को दिया संदेश
सुबह साढ़े नौ बजे मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी भोपाल स्थित निवासों से रवाना हुए। विशेष बात यह रही कि अधिकारियों के काफिले में पारंपरिक शाही गाड़ियों या फ्लीट की बजाय पूर्णतया इलेक्ट्रिक बसें थीं। अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्षों और आयुक्तों ने इस हरित पहल में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस पहल के पीछे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की "क्लीन एनर्जी, क्लीन भोपाल, क्लीन प्रदेश" की सोच साफ झलकती है। अधिकारियों ने इस यात्रा के दौरान न सिर्फ इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग किया, बल्कि रास्ते में आम नागरिकों को भी इसका लाभ बताते हुए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का आह्वान किया।
कैबिनेट बैठक के प्रमुख एजेंडे
जगदीशपुर में आयोजित इस विशेष कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा होनी है। सूत्रों के अनुसार, आज के एजेंडे में शामिल प्रमुख बिंदु हैं:
· ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा एवं नई घोषणाएँ
· जल संरक्षण एवं जल जीवन मिशन की प्रगति रिपोर्ट
· अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण से जुड़ी नई योजनाओं को मंजूरी
· किसानों के लिए सिंचाई एवं फसल बीमा से संबंधित प्रस्ताव
· शहरी बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए नई परियोजनाएँ
· इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 को अंतिम रूप देना (जो इसी हरित पहल का विस्तार होगी)
· महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाएँ
जगदीशपुर क्यों चुना गया? – सांकेतिकता भी खास
जानकारों के अनुसार, इस बार कैबिनेट बैठक के लिए जगदीशपुर का चुनाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांकेतिक भी है। यह क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में विकास के मामले में तेजी से उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि "हमें शासन को जनता के दरवाजे तक ले जाना है, इसीलिए हम राजधानी से बाहर निकलकर जिला-ब्लॉक स्तर पर बैठकें कर रहे हैं।"
स्थानीय जनसमर्थन और उत्साह
जगदीशपुर के ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस कैबिनेट बैठक का स्वागत किया। विशेषकर इलेक्ट्रिक बसों के काफिले को देखकर स्कूली बच्चों और युवाओं में उत्साह का माहौल रहा। कई स्थानीय संगठनों ने मुख्यमंत्री और अधिकारियों का पारंपरिक ग्रामीण स्वागत किया।
पर्यावरणीय दृष्टिकोण: एक बड़ा संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता और प्रोत्साहन को बल मिलेगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा, "हम सिर्फ नीतियाँ नहीं बनाते, बल्कि उसे अपने आचरण में भी उतारते हैं। आज का कदम उसी दिशा में एक प्रयास है।
क्या रहेगा आगे :बैठक के दौरान लिए गए निर्णयों की घोषणा शाम तक की जानी संभावित है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्थानीय विकास कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे और जनता से संवाद करेंगे।
खास बात –आज की इस बैठक में इलेक्ट्रिक बसों से अधिकारियों के आने का फैसला मुख्यमंत्री द्वारा खुद लिया गया था, जिसे प्रदेश की 'ग्रीन गवर्नेंस' की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।