मिनी ट्रक भरा गेहूं-चावल जब्त, खाद्य विभाग ने कसा शिकंजा - Bhaskar Crime

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मिनी ट्रक भरा गेहूं-चावल जब्त, खाद्य विभाग ने कसा शिकंजा

*गरीबों के राशन की बड़ी तस्करी, मिनी ट्रक भरा गेहूं-चावल जब्त, खाद्य विभाग ने कसा शिकंजा*

*कैसे हुआ मामले का खुलासा,रणजीत ने ऐसे लगाई सरकार को लपक*

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर। गरीबों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले तस्करों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जबलपुर के घमापुर इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे राशन वितरण तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सतर्क नागरिक की सूझबूझ की बदौलत, खाद्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक मिनी ट्रक से 20 से अधिक बोरियों में भरा शासकीय राशन का गेहूं और चावल जब्त कर लिया। फिलहाल आरोपी की तलाश जारी है।

कैसे हुआ मामले का खुलासा

घटना उस वक्त हुई जब स्थानीय निवासी रणजीत यादव अपनी बेटी को स्कूल से लेकर लौट रहे थे। अचानक उनकी नजर घमापुर क्षेत्र में खड़े एक संदिग्ध मिनी ट्रक पर पड़ी। ट्रक की हालत देखकर ही शक हो रहा था—उसमें सरकारी टैग लगी बोरियाँ भरी हुई थीं, जो आमतौर पर राशन की दुकानों पर ही मिलती हैं।

रणजीत ने तुरंत वाहन को रुकवाया और चालक तथा उसमें बैठे अन्य लोगों से सवाल-जवाब शुरू किए। जैसे ही उन्होंने पूछताछ की, वहां बहस छिड़ गई। शोर सुनते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए और उन्होंने ट्रक को चारों तरफ से घेर लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह अनाज बरेला क्षेत्र से लाया जा रहा था और इसे बेचने के लिए मंडी ले जाया जा रहा था—जो पूरी तरह से अवैध है।

रणजीत ने ऐसे लगाई सरकार को लपक

खास बात यह रही कि रणजीत के पास खाद्य विभाग के किसी अधिकारी का नंबर नहीं था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने मौके पर ही मोबाइल के जरिए गूगल पर फूड कंट्रोलर का नंबर खोजा और पूरे मामले की सूचना दे डाली। इतना ही नहीं, उन्होंने पूरी घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब जांच में अहम सबूत बनेगा।

विभाग की टीम ने दबोचा ट्रक

सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने मिनी ट्रक से 20 से अधिक बोरियों में भरा गेहूं और चावल जब्त कर लिया। साथ ही, जांच के लिए अनाज के नमूने भी लिए गए हैं।

अब क्या है जांच का दायरा

खाद्य विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि:

· यह शासकीय राशन किस उचित मूल्य की दुकान (राशन की दुकान) से निकाला गया?

· इसे अवैध तरीके से मंडी तक पहुंचाने में किन-किन लोगों की भूमिका है?

· इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं?

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जहां एक तरफ सरकार गरीबों को मुफ्त राशन देने का दावा कर रही है, वहीं इस तरह की तस्करी पूरी व्यवस्था पर धब्बा है। फिलहाल आरोपी चालक और अन्य लोग फरार हैं, और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

रणजीत यादव बने हीरो

इस पूरे मामले में रणजीत यादव की सतर्कता और ईमानदारी की सभी जगह सराहना हो रही है। उन्होंने न सिर्फ सरकारी खजाने को लूटने की कोशिश नाकाम की, बल्कि उन निर्धन परिवारों की भी रक्षा की, जिनका यह राशन हक से बनता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे तस्करी नेटवर्क तक कैसे पहुंचता है और क्या सख्त कार्रवाई होती है।