*स्कूल के छात्र छात्राओं ने जाना नगर निगम का कामकाज*
*भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के बजाय व्यावहारिक अनुभव देना था*
चीफ एडिटर क्राइम भास्कर न्यूज = जबलपुर। गौरीघाट, पॉलिपाथर स्थित सत्यप्रकाश पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए आज का दिन बेहद खास और ज्ञानवर्धक रहा। एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को न केवल लोकतांत्रिक और प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से देखने का मौका मिला, बल्कि उन्होंने शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी बुनियादी प्रणालियों को भी समझा। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के बजाय व्यावहारिक अनुभव देना था, ताकि वे यह जान सकें कि नगर निगम किस तरह शहर की रीढ़ के रूप में कार्य करता है।
सदन की कार्यवाही और लोकतांत्रिक व्यवस्था से हुए रूबरू
भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने नगर निगम मुख्यालय का दौरा किया, जो शहर के प्रशासनिक केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहाँ नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने बच्चों का स्वागत किया और उन्हें निगम सदन की कार्यप्रणाली से परिचित कराया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि नगर निगम के सदन में शहर की समस्याओं पर कैसे बहस होती है, किस तरह पार्षद अपने वार्डों के मुद्दे उठाते हैं, और आखिरकार वोटिंग के माध्यम से प्रस्ताव कैसे पारित होते हैं।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया की समझ
इस भ्रमण के दौरान बच्चों को बताया गया कि शहर के विकास के लिए नीतियां कैसे बनती हैं, प्रस्ताव कैसे पारित होते हैं और जनहित के मुद्दों पर सदन में किस तरह चर्चा की जाती है। उन्होंने बजट सत्र, प्रश्नकाल और शून्यकाल जैसी प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी हासिल की। इस दौरान उन्हें यह भी बताया गया कि आम नागरिक अपनी समस्याएं किस तरह नगर निगम तक पहुंचा सकता है और जनभागीदारी के माध्यम से शहर के विकास में योगदान दे सकता है।
सवालों के जवाब
इस अवसर पर अधिकारियों ने बच्चों के उत्सुकता भरे सवालों के बेहद सरल और रोचक ढंग से जवाब दिए, जिससे बच्चों का सामान्य ज्ञान भी बढ़ा। बच्चों ने जिज्ञासा रखी कि नगर निगम कितना बजट संभालता है, किस तरह टैक्स वसूला जाता है, और जनता की शिकायतों का निपटारा कितनी तेजी से होता है। अधिकारियों ने उनके सवालों का जवाब इस तरह दिया कि वह बच्चों के लिए प्रेरणादायक और शिक्षाप्रद बन सके, जिससे उन्हें स्थानीय स्वशासन की पेचीदगियों को समझने में मदद मिली।
वेस्ट टू एनर्जी और फिल्टर प्लांट का व्यावहारिक अनुभव
इस भ्रमण में किताबी ज्ञान को व्यावहारिक रूप में बदलते हुए बच्चों को शहर के दो बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का दौरा कराया गया, जो न केवल तकनीकी रूप से अत्याधुनिक हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। पहले उन्हें वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ले जाया गया, जहां शहर के कचरे को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा गया, और फिर ललपुर फिल्टर प्लांट, जहां नर्मदा नदी के पानी को पीने योग्य बनाने की पूरी श्रृंखला को समझाया गया।
कचरे से बिजली का उत्पादन
बच्चों को वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की कार्यप्रणाली और उसकी विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें समझाया गया कि कैसे शहर के कचरे का सही प्रबंधन करके उससे ऊर्जा बनाई जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने देखा कि किस तरह गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाता है, बायोगैस का उत्पादन होता है और अंततः उससे बिजली बनती है, जिससे न केवल कचरे की समस्या हल होती है बल्कि ऊर्जा की जरूरत भी पूरी होती है।
शुद्ध पेयजल की प्रक्रिया ललपुर फिल्टर प्लांट
इसके बाद विद्यार्थियों ने ललपुर फिल्टर प्लांट का भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने जलप्रदाय योजना और उसके प्रबंधन को देखा। बच्चों ने प्रत्यक्ष रूप से समझा कि नर्मदा जी से आने वाले पानी को किस तरह फिल्टर कर पूरी तरह शुद्ध किया जाता है और फिर वह शहर के घरों तक पहुंचता है। उन्होंने पानी की शुद्धिकरण की विभिन्न अवस्थाओं को देखा – जमाव, छानना, क्लोरीनीकरण और अंतिम जांच, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि नागरिकों को पीने के लिए सुरक्षित पानी मिले।
वरिष्ठ अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन
इस पूरे गरिमामयी और ज्ञानवर्धक आयोजन को सफल बनाने में प्रशासनिक टीम का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर अपर आयुक्त वी. एन. बाजपेई, मनोज श्रीवास्तव और कार्यालय अधीक्षक दिलीप दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बारीकियों से अवगत कराया। इन अधिकारियों ने बच्चों के साथ संवाद कर उनकी जिज्ञासा को शांत किया और उन्हें नागरिक सेवाओं के प्रति जागरूक बनाया।
पूरे भ्रमण कार्यक्रम का कुशल संचालन नोडल अधिकारी एवं उपायुक्त अंकिता जैन द्वारा किया गया। उन्होंने बच्चों को हर चरण में मार्गदर्शन दिया और यह सुनिश्चित किया कि वे हर प्रक्रिया को समझ सकें और उसका आनंद भी ले सकें।
एक अनूठा और प्रेरणादायी अनुभव
स्कूल प्रबंधन और बच्चों ने इस ज्ञानवर्धक भ्रमण के लिए नगर निगम प्रशासन का आभार व्यक्त किया। बच्चों का कहना था कि इस भ्रमण से उन्हें नागरिक कर्तव्यों, स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व को गहराई से समझने में मदद मिली है। उन्होंने महसूस किया कि एक जिम्मेदार नागरिक होने का मतलब सिर्फ वोट देना ही नहीं, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं को समझना और उनमें योगदान देना भी है। यह शैक्षणिक यात्रा उनके लिए भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी और आने वाले समय में वे जल संरक्षण, स्वच्छता और ऊर्जा प्रबंधन जैसे विषयों के प्रति जागरूक रहेंगे। स्कूल प्रबंधन ने भी इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के भ्रमण से बच्चों में प्रशासन के प्रति सम्मान और नागरिकता की भावना विकसित होती है, जो उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।