*कलेक्टर और निगमायुक्त शहर और विकास कार्यों का एक नया रूप देने का मिशन*
*कलेक्टर और निगमायुक्त ने 6 घंटे तक किया सीधा सड़कों एवं प्रमुख विकास केंद्रों का लिया जायजा*
विशेष संवाददाता/ आज जबलपुर शहर को एक नया रूप दे रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति पर सीधी निगाह रखने के लिए कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह और निगमायुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार ने आज एक असाधारण कदम उठाया। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने अधिकारियों की टीम के साथ लगातार छह घंटे तक शहर का सघन निरीक्षण दौरा किया और निर्माणाधीन परियोजनाओं की रफ़्तार व बेहतरी पर सीधे निर्देश दिए
डेवलपमेंट मैराथन': एक-एक स्थल पर बारीक निगाह
सुबह 9 बजे शुरू हुए इस मैराथन निरीक्षण में प्रशासनिक टीम ने शहर के कई प्रमुख विकास केंद्रों का जायजा लिया:
· गीता भवन: यहाँ कलेक्टर ने हर पहलू का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और तैयारियों की सराहना की।
· मानस भवन
· विजय नगर का सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क
· भँवरताल पार्क: निगमायुक्त ने यहाँ के फाउंटेन, साज-सज्जा और नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था देखकर प्रशंसा व्यक्त की।
· कल्चरल स्ट्रीट
गुणवत्ता और समय: दोहरी चुनौती, स्पष्ट निर्देश
निरीक्षण का केंद्रीय फोकस कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना था। मौके पर मौजूद इंजीनियरों और ठेकेदारों को कलेक्टर और निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए:
· सभी निर्माण कार्य उच्चतम गुणवत्ता के मानकों पर पूरे हों।
· तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन हो, ताकि जनता को जल्द से जल्द लाभ मिल सके।
· विकास कार्यों में फिनिशिंग और सौंदर्यीकरण (सिटी ब्यूटीफिकेशन) पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस दिशा में नगर निगम के प्रयासों की कलेक्टर ने मुक्तकंठ से सराहना भी की।
"'सिटी ब्यूटीफिकेशन' को मिली बड़ी बढ़त"
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि शहर में सिर्फ अवसंरचनात्मक (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास ही नहीं, बल्कि शहर को सुंदर बनाने (सिटी ब्यूटीफिकेशन) के कार्यों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की सजावट और रखरखाव इसी का हिस्सा हैं।
"मौके पर रही अधिकारियों की बड़ी टीम"
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण में नगर निगम और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें अपर आयुक्त अरविन्द शाह, व्ही.एन. बाजपेयी, मनोज श्रीवास्तव, श्रीमती अंजू सिंह, अधीक्षण अभियंता कमलेश श्रीवास्तव, स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री अंकिता बर्मन, सहायक अभियंता सुनील दुबे, उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला सहित स्मार्ट सिटी के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे।
इस विस्तृत और गहन निरीक्षण से शहर के विकास कार्यों में नई गति आने और उनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। प्रशासन का यह हस्तक्षेप नागरिकों को बेहतरीन सुविधाएं समय पर मुहैया कराने के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।