*बेटी को ढूंढने की गुहार के साथ जनसुनवाई में उठी पुलिस जवाब देही का सवाल*
*जनसुनवाई में 2024 से लापता छात्रा का मामला अन सुलझा पिता की गुहार*
जबलपुर विशेष संवाददाता/ आज आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में पुलिस प्रमुख सम्पत उपाध्याय एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय बी.एस. गोठरिया के सामने जनता की शिकायतें सुनी गईं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर व देहात के थानों व चौकियों में भी यह सुनवाई हुई। इस दौरान एक चौंकाने वाली शिकायत सामने आई, जिसने पुलिस की खोजी मुहिम पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया
लापता बेटी के परिवार का दर्द:थाना माढ़ोताल क्षेत्र के अरविंद धुर्वे ने जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक के समक्ष गंभीर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मोनिका धुर्वे, जो बीकॉम की छात्रा है, वर्ष 2024 से लापता है। परिवार का आरोप है कि इतने लंबे समय बीत जाने के बाद भी पुलिस उनकी बेटी का कुछ पता नहीं लगा पाई है।
परिवार की गुहार:अरविंद धुर्वे ने पुलिस प्रमुख से आग्रह किया कि इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मोनिका की अतिशीघ्र खोजबीन की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर चिंता जताते हुए कहा, "हमें आज तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। हमारी पूरी उम्मीद इस जनसुनवाई पर टिकी है।"
पुलिस प्रशासन का रुख:जनसुनवाई कीअध्यक्षता कर रही पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मामले पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि लापता युवती का मामला प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा और हर संभव कोशिश की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर सामुदायिक पुलिसिंग और जनसुनवाई के महत्व को रेखांकित करता है, साथ ही लंबित लापता व्यक्ति के मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाता है। अब निगाहें पुलिस की इस खोजी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिसके परिणाम से एक परिवार को न्याय की उम्मीद है।