प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संदेश: पेड़ बचाएं, गौ-काष्ठ से होली मनाएं - Bhaskar Crime

Breaking

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संदेश: पेड़ बचाएं, गौ-काष्ठ से होली मनाएं

पेड़ बचाएं, पर्यावरण बचाएं: मुख्यमंत्री ने की गौ-काष्ठ से होली मनाने की अपील

प्रधानमंत्री बोले - इस बार गौ-काष्ठ से जलाएं होलिका, पेड़ों की रक्षा का संकल्प लें

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संदेश: पेड़ बचाएं, गौ-काष्ठ से होली मनाएं

  राज्य के मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से इस वर्ष होलिका दहन में लकड़ी की बजाय गौ-काष्ठ (गोबर के कंडे और गौ-आधारित उत्पाद) के उपयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि होली का त्योहार खुशियों और उल्लास का प्रतीक है, लेकिन इसे ऐसे मनाया जाना चाहिए कि प्रकृति को कोई नुकसान न पहुंचे।

प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे धर्म और संस्कृति में प्रकृति को पूजने की परंपरा रही है। पेड़ों को काटकर या हरी लकड़ियों से होलिका दहन करना पर्यावरण के लिए हानिकारक है। गौ-काष्ठ से होलिका दहन करके हम न केवल वृक्षों की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि गौ-उत्पादों को भी बढ़ावा दे सकते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह छोटा सा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण सुनिश्चित करेगा।

क्या है गौ-काष्ठ

पारंपरिक लकड़ी के स्थान पर उपयोग होने वाले गोबर के कंडों, गोबर से बनी लकड़ियों (गौ-काष्ठ) और अन्य जैविक विकल्पों से होलिका दहन करना अधिक पवित्र और पर्यावरण-अनुकूल माना जाता है। यह न केवल वायु प्रदूषण को कम करता है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गौ-संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने सभी देशवासियों से की अपील

अपने संदेश में उन्होंने सभी देशवासियों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे इस बार होलिका दहन में हरी लकड़ियों का उपयोग न करें और गौ-काष्ठ को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें।

सीएम का आधिकारिक वक्तव्य:

"सभी देशवासियों से मेरा आग्रह है कि हम अपने त्योहारों को प्रकृति के अनुरूप ढालें। गौ-काष्ठ से होलिका दहन करें और पेड़ों की रक्षा कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। एक स्वस्थ और हरित भारत के निर्माण में आपका यह योगदान अविस्मरणीय रहेगा।"

इस पहल के लाभ:

1. पेड़ों की सुरक्षा: अवैध कटाई और हरे पेड़ों के दोहन पर रोक लगेगी।

2. पर्यावरण संरक्षण: प्रदूषण में कमी और जैव विविधता की रक्षा।

3. ग्रामीण विकास: गौ-आधारित उत्पादों को बढ़ावा मिलने से किसानों और ग्रामीणों को आर्थिक लाभ।

आइए, इस होली पर एक नई पहल करें और मुख्यमंत्री के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर #गौ_काष्ठ_से_होली और #पेड़_बचाओ_होली_मनाओ अभियान को सफल बनाएं।