*कचरे से नहीं, फूलों से महकेगी संस्कारधानी की होली: निगम की अनोखी पहल*
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"जबलपुर वालों, इस बार होली में लगाएं 'फूलों वाला रंग'
चीफ एडिटर जबलपुर। इस बार संस्कारधानी में होली का रंग पर्यावरण के प्रति प्रेम और स्वच्छता के संकल्प के साथ घुलेंगे। आज प्रेस कांफ्रेंस में महापौर जगत बहादुर अन्नू सिंह और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि नगर निगम ने एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल करते हुए घोषणा की है कि इस साल होली मंदिरों में चढ़ाए गए सुगंधित फूलों से बने प्राकृतिक गुलाल से मनाई जाएगी। यह न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक नवाचार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है
(यह बेहद खुशी की बात है कि जबलपुर नगर निगम स्वच्छता और नवाचार के क्षेत्र में लगातार मिसाल कायम कर रहा है)
नगर निगम के स्वच्छता अभियान के तहत यह एक और बड़ा नवाचार है। अब तक कचरे से खाद और ऊर्जा बनाने वाली निगम ने अब मंदिरों से निकलने वाले फूलों के कचरे को 'खुशहाली' में बदलने का फैसला किया है। इस पहल के तहत, शहर के विभिन्न मंदिरों से एकत्रित किए गए फूलों को प्रसंस्कृत करके प्राकृतिक और हानिरहित गुलाल तैयार किया जाएगा। यह पहल न सिर्फ मंदिरों के आसपास सफाई को बढ़ावा देगी, बल्कि फूलों के अपशिष्ट के निपटान की समस्या का भी स्थायी समाधान करेगी। इस गुलाल के इस्तेमाल से रासायनिक रंगों से होने वाली त्वचा की एलर्जी और पर्यावरणीय नुकसान से भी राहत मिलेगी। नगर निगम की यह पहल 'वेस्ट टू वेल्थ' (कचरे से खुशहाली) की अवधारणा को साकार करती हुई, संस्कारधानी के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रही है। इस अवसर पर नगर निगम के अध्यक्ष रिकूज विज डाक्टर सुभाष तिवारी विवेक राम सोनकर दामोदर सोनी श्रीमति अंशुल राघवेंद्र यादव श्रीमती रजनी कैलाश साहू आदि उपस्थित रहे
